गठबंधन से बाहर आने को तैयार हैं सहयोगी और भाजपा नेता दे रहे हैं ये बयान…

October 28, 2018 by No Comments

जहां एक ओर भाजपा के सहयोगी दल भाजपा से नाराज़ हैं वहीं भाजपा नेता कोशिशों में लगे हैं कि उन्हें मना लिया जाए. बिहार के बक्सर से सांसद और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने दावा किया है कि बीजेपी- जेडीयू (जनता दल युनाइटेड) बिहार में बराबर सीटों पर लड़ेंगी साथ ही आरएलएसपी (राष्ट्रीय लोक समता पार्टी) और एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी) को भी पूरा सम्मान मिलेगा. बीजेपी किसी भी सहयोगी के मान-सम्मान में कमी नहीं रखेगी. मुझे विश्वास है कि किसी भी सहयोगी को कोई शिकवा-शिकायत नहीं रहेगी.

हिंदी समाचार वेबसाइट से बात करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ राज्य मंत्री ने कहा,”अगले दो तीन दिन में सब कुछ साफ हो जाएगा. उपेंद्र कुशवाहा और रामविलास पासवान बीजेपी के साथ थे, हैं और रहेंगे. 2019 के चुनाव में बिहार नरेंद्र मोदी को फिर से पीएम बनाने का काम करेगा. सभी सीटों पर हम मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे. आरजेडी और कांग्रेस के सपने कभी पूरे नहीं होंगे. इन सबका झुनझुना रखा रह जाएगा.”

वो आगे कहते हैं कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सारे पहलुओं पर विचार करने के बाद ही सीट शेयरिंग पर आगे बढ़ने का काम किया है. राजद-कांग्रेस का ‘महाठगबंधन’ न बिहार में चलने वाला है और न ही देश में. ये लोग बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार करके जनता को गुमराह कर रहे हैं, इसलिए चुनाव में जनता इसका जवाब देगी.कांग्रेस और आरजेडी जैसी पार्टियां जनता में यह दिखा रही हैं कि हम अभी जिंदा हैं लेकिन असल में ये सब ऑक्सीजन पर चल रहे हैं. विपक्ष कन्हैया जैसे लोगों को बिहार में अपना मॉडल बना रहा है तो उसका भगवान ही मालिक है. जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी.

चौबे कहते हैं,”राम मंदिर का केस अभी सुप्रीम कोर्ट में है. हम तो चाहते हैं कि अदालत इस मामले में जल्द निर्णय ले. पूरे देश की भावना है कि मंदिर बन जाए. न केवल हिंदू बल्कि अब तो अधिकांश मुस्लिम भाइयों की भी यही भावना है. विवाद वाली जगह पर मस्जिद नहीं बन सकती, ये मुस्लिम भाई कहते हैं.”

उनका कहना है कि वे श्रीराम को भगवान के रूप में माने न माने लेकिन महापुरुष मानते हैं, इसलिए मुझे विश्वास है कि सब लोग मिलकर अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनवाने का काम पूरा करेंगे. चाहे कानून से हो, कोर्ट से हो या फिर आपसी सहमति से. यही जनता की भावना है.जहां एक ओर भाजपा नेता इस कोशिश में लगे हैं कि बिहार में गठबंधन बना रहे वहीं सहयोगी दामन छोड़ने पर विचार कर रहे हैं. अब देखते हैं सियासत आगे किस करवट जाती है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *