भाजपा के इस मंत्री को जनता ने पहनाये जूते,लोग बोले-हमारे खाते में भेजो 15 लाख

October 7, 2018 by No Comments

लोकसभा चुनाव ने पहले मोदी और भाजपा ने देश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया था और करप्शन से लेकर बढ़ती मंगाई और किसानों के मुद्दों को लेकर मोदी ने तमाम तरह के वादे किये थे. लेकिन अब मोदी सरकार का यह कार्यकाल ख़त्म होने को है लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि फिलहाल मोदी सरकार के पास अपनी कोई ऐसी उपलब्धि नहीं है जिसे आगे रखकर जनता से एक बार फिर से वोट माँगा जा सके.

किसानों ने निकाली रैली

बहरहाल, वही एक तरफ जहाँ चुनाव से पहले मोदी ने किसाओं को उनकी पसफ ला दो दुगना मुल्क दिलाने का वादा किया था, लेकिन अब मोदी सरकार की तमाम नीतियों का सबसे बुरा असर किसानों पर ही हुआ है. ऐसे में अब देश का अन्नदाता कहे जाने वाले किसान बेचैन और परेशान हैं. आर्तिक तंगी और कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं.

दिल्ली की सीमा पर रोका गया

ऐसे में अपनी मांगों को लेकर जब बीते दिनों किसान क्रांतिकारी यात्रा रैली लेकर राजधानी दिल्ली में घुसना चाहा तो उन्हें दिल्ली की सीमा पर ही रोक दिया गया. बड़ी बात यह रही कि सरकार ने किसानों को रोकने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया, जिसमे बड़ी तादाद में किसानों को चोट आई है.

पुलिस ने किया बल प्रयोग

अब फ़िलहाल किसान बेहद नाराज़ हैं और चुनाव नज़दीक है तो भाजपा को किसानों की नाराज़गी का खामियाजा उठाना पड़ सकता है. इसलिए अब डैमेज कण्ट्रोल करने के लिए भाजपा के मंत्री सुरेश राणा किसानों से मिलने गए. लेकिन भाजपा मंत्री को अपने बीच पाकर किसानों का गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने सुरेश राणा पर जूता तक चला दिया. हालाँकि यह जूता सुरेश राणा को बगल से गुज़र गया लेकिन इसके ज़रिये किसानों की नाराज़गी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

भाजपा मंत्री गए मिलने

बताया जा रहा है कि इस दौरान किसानों ने उन्हें गलियां भी दिन. फिलहाल अब किसान वापस लौट गए हैं लेकिन अपनी बेहतरी के लिए उनकी मांग अब भी कायम हैं. किसानों की तरफ से कहा गया है कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो एक बार फिर से ऐसा ही आन्दोलन किया जायेगा.

जनता ने दी गलियां

बता दें कि बीते दिनों निकाली गई किसान क्रांतिकारी रैली का देश की जनता ने भी समर्थन किया. सोशल मीडिया पर जनता ने मोदी सरकार के इस रुख पर नाराज़गी भी ज़ाहिर की है. लोगों का कहना है कि जो किसान हमें अनाज देते हैं, उस पर पुलिस बल प्रयोग करने का सरकार का फैसला बेहद गलत है.

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