रोहिंग्या मुद्दे पर ब्रिटेन का बड़ा फ़ैसला; म्यांमार मिलिट्री ट्रेनिंग रद्द

रोहिंग्या मुद्दे पर ब्रिटेन ने म्यांमार के ख़िलाफ़ बड़ा फ़ैसला लिया है. समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक़ रखीने में हुई हिंसा के मद्देनज़र ब्रिटेन में म्यांमार अपनी मिलिट्री ट्रेनिंग को रद्द कर दिया है.

रोहिंग्या मुद्दे पर म्यांमार सरकार की चौतरफ़ा निंदा हो रही है. लगातार बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच म्यांमार की स्टेट काउंसलर औंग सैन सू ची ने मंगलवार के रोज़ बयान देते हुए कहा कि वो मानवाधिकारों के लिए चिंतित हैं. इसके बावजूद भी सू ची ने रोहिंग्या शब्द का प्रयोग सिर्फ़ एक बार किया और वो भी एक चरमपंथी संघठन का नाम लेने के लिए.

सू ची की सरकार और म्यांमार की सेना की रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रहे अत्याचार को लेकर भारी आलोचना हुई है. ब्रिटेन सांसद बोर्रिस जॉनसन पहले ही इस मुद्दे पर कह चुके हैं कि म्यांमार को मानवाधिकारों का उल्लंघन बंद करना होगा. संयुक्त राज्य अमरीका ने भी इस मुद्दे पर म्यांमार की आलोचना की है. परन्तु यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में बोलते हुए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रोहिंग्या मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया. इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की एम्बेसडर निक्की हैली ने कहा,”लोग अभी इस ख़तरे में हैं कि उन पर हमला होगा या वो मार दिए जायेंगे, मानवाधिकार मदद उन लोगों तक नहीं पहुँच रही जिनको ज़रुरत है, और मासूम नागरिकों को बंगलदेश भागना पड़ रहा है”

म्यांमार से भाग कर रोहिंग्या लोग जिनमें अधिकतर मुसलमान हैं बांग्लादेश आ रहे हैं जहां वो रिफ्यूजी कैंप में रह रहे हैं. एक अनुमान के मुताबिक़ बांग्लादेश में 7 लाख के क़रीब रोहिंग्या लोग पहुंचे हैं. बंगाल्देशी प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने रोहिंग्या लोगों के लिए विशेष इन्तिज़ाम किये हैं.

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