बसपा समर्थकों को है मायावती के सोशल मीडिया अकाउंट का इंतज़ार

बहुजन समाज पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है और इसकी सुप्रीमो मायावती देश की सबसे क़द्दावर दलित नेता हैं. उन्हें भारत का ओबामा भी कहा गया है. बहुजन आन्दोलन की बड़ी नेता मायावती के चाहने वाले देश के लगभग हर हिस्से में हैं लेकिन सबसे अधिक पॉपुलैरिटी उनकी उत्तर प्रदेश में ही है. देश भर में पॉपुलैरिटी होने के बावजूद मायावती का कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है.

उनका ना तो ट्विटर पर ही कोई अकाउंट है और ना ही फ़ेसबुक पर. कभी कभी उनके समर्थक इस बात की कमी भी महसूस करते हैं. जहाँ हर एक पार्टी का सोशल मीडिया पेज है, लगभग हर बड़े नेता का सोशल मीडिया पर कोई ना कोई अकाउंट है..ऐसे में मायावती और उनकी पार्टी का सोशल मीडिया पर ना होना मायावती समर्थकों को खलता तो है ही.

जानकारों के मुताबिक़ पहले वो ट्विटर से इसलिए नहीं जुड़ीं क्यूंकि उन्हें लगता था कि उनके वोटर इस मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल करने वाले नहीं बल्कि गाँव के ग़रीब लोग हैं जिनको रोज़ी-रोटी और सम्मान की तलाश है लेकिन अब वो इस ओर विचार कर रही हैं.इस बारे में हमने उनके कई समर्थकों से बात की. अधिकतर समर्थक ये मानते हैं कि आजकल मीडिया तो बसपा से जुड़ी ख़बर दिखाता नहीं है इसलिए उन्हें सोशल मीडिया से जुड़ना चाहिए. उनके समर्थकों का दावा है कि जैसे ही मायावती सोशल मीडिया पर आएँगी, उनके समर्थकों की बाढ़ आ जायेगी.

मायावती के अलावा कई और भी नेता हैं जो ट्विटर और फ़ेसबुक से दूर हैं. इसमें सपा नेता मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का नाम भी शामिल है लेकिन सपा और कांग्रेस दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट हैं और किसी ना किसी तरह से ये नेता भी सोशल मीडिया से जुड़े हैं. मायावती के साथ ऐसा नहीं है, ना तो उनका ही कोई अकाउंट है और ना ही बसपा का सोशल मीडिया अकाउंट है. एक अकाउंट जो कई दिनों तक बसपा के नाम से चला उसे पार्टी ने फेक अकाउंट कह दिया. बहरहाल, बसपा के समर्थक तो यही चाहते हैं कि उनकी नेता सोशल मीडिया पर आयें.

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