अपना ही देश बचाने को संघर्ष कर रहा है स्पेन; केटलोनिआ पार्लियामेंट से देश के झंडे उतारे गए

यूरोप के चौथे सबसे बड़े मुल्क स्पेन में राजनीतिक संकट अहरा गया है. देश के उत्तर-पूर्व राज्य केटलोनिआ की पार्लियामेंट ने कल आज़ादी की घोषणा कर दी. इसके बाद स्पेन की सरकार ने केटलोनिआ की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया है और वहाँ केंद्र का शासन स्थापित करने की घोषणा की है.

केटलोनिआ की अलगाववादी सरकार ने कल पार्लियामेंट में एक प्रस्ताव के ज़रिये आज़ादी की घोषणा की. 135 मेम्बर वाली सभा में 70 वोट आज़ादी के पक्ष में और 10 विरोध में पड़े जबकि 2 ब्लैंक रहे. इस प्रस्ताव का विरोध करने वाली मुख्य विपक्षी पार्टी ने वोट का बायकाट किया.

प्रस्ताव के पारित होते ही पार्लियामेंट बिल्डिंग के बाहर खड़े केटलोनिआ-आज़ादी के समर्थक ख़ुशी से झूम उठे. इसके बाद केटलोनिआ का राष्ट्रगान गाया गया. पार्लियामेंट से स्पेन के झंडे को उतार कर केटलोनिआ का झंडा फहराया गया.स्पेन की सरकार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए केटलोनिआ के राष्ट्रपति चार्ल्स पुइग्देमोन्त की सरकार के इस कार्य को पूरी तरह असंवैधानिक बताया. स्पेन के प्रधानमंत्री मरिअनो राजोय ने इसके तुरंत बाद वहाँ की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया और साथ ही 21 दिसम्बर को क्षेत्रीय चुनाव की घोषणा भी कर दी.

केटलोनिआ के नेताओं ने आज़ादी की घोषणा तो कर दी लेकिन उनके समर्थन में अभी तक किसी देश ने कोई बयान नहीं दिया है. यूरोपियन यूनियन, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देशों ने केटलोनिआ को देश मानने से इनकार कर दिया है. फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मैक्रॉन ने साफ़ किया कि वो स्पेन के प्रधानमंत्री के साथ हैं. यूनाइटेड किंगडम ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि केटलोनिआ को वो देश की मान्यता नहीं देगा. संयुक्त राज्य अमरीका ने भी केटलोनिआ को देश मानने से इनकार कर दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.