CBI जांच में हुआ साफ़, 2011 नहीं NDA सरकार के वक़्त ही हुआ पूरा घोटाला

February 17, 2018 by No Comments

भाजपा प्रवक्ता बार बार ये कह रहे हैं कि नीरव मोदी ने जो घोटाला किया है वो 2011 का है लेकिन सीबीआई ने जो जांच की है अब तक उससे तो ऐसा ही लग रहा है कि पूरा का पूरा घोटाला 2017 का और 2018 का है. 11400 करोड़ के क़रीब का ये घोटाला पंजाब नेशनल बैंक का इस्तेमाल करके किया गया है.

देश के इतिहास का इसे सबसे बड़ा स्कैम कहा जा रहा है और ऐसा माना जा रहा है कि इसमें कई बड़े लोग शामिल हो सकते हैं.कुछ लोगों का मानना है कि घोटाले की रकम कहीं ज़्यादा हो सकती है, कांग्रेस ने इस घोटाले को 30 हज़ार करोड़ के क़रीब आंका है. इसमें समझने की बात ये है कि अब तक सीबीआई ने जिन चार अधिकारियों से पूछताछ की है वो सभी अधिकारी 2014 के बाद ही नारीमन पॉइंट की ब्रांच में तैनात हुए थे. इन अधिकारियों में शामिल बेचू तिवारी फरवरी 2015 से लेकर अक्टूबर 2017 तक नरीमन प्वाइंट ब्रांच के चीफ मैनेजर थे.

इसके अलावा जो नाम सामने आया रहे हैं वो भी NDA सरकार के समय से ही यहाँ हैं ना कि UPA सरकार के समय से. इस घोटाले को लेकर दर्ज एफआईआर में मनोज करात और गोकुलनाथ सेट्टी का नाम है. गोकुलनाथ को पांच दिन पहले आखिरी बार उनके घर पर देखा गया था उसके बाद से उसे नहीं देखा गया है, तब से वो फ़रार है. सीबीआई ने इस मामले में अब तक 26 ठिकानों पर छापेमारी की है. फ़िलहाल नीरव मोदी के सभी शो-रूम में सेल को बंद करवा दिया गया है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *