We The Women में पहुंची वर्णिका कुंडू, कहा अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए खुद खड़ी हो महिलाएं

December 12, 2017 by No Comments

मुंबई के महबूब स्टूडियो में हुए वे थे वीमेन, समारोह में चंडीगढ़ की आरजे वर्णिका कुंडू भी अपने पिता के साथ शामिल हुई। वर्णिका हाल ही में बीजेपी नेता के बेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद सुर्ख़ियों में आई थी।
यहाँ पर वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त से बात करते हुए वर्णिका ने अपने साथ हुए वाक़ये और महिला सुरक्षा के बारे में बात की। वर्णिका के पिता एक आईएएस अफसर हैं।
छेड़छाड़ मामले पर बरखा के सवालों के जवाब देते हुए वर्णिका ने कहा है जब विकास और आशीष ने उनके साथ छेड़छाड़ करनी शुरू की तो वह बहुत डर गई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो बार उनकी कार का दरवाजा भी खोलने की कोशिश की। लेकिन वह पुलिस को फोन कर चुकी थी तो कुछ देर में पुलिस आई। जिसके बाद वह सुरक्षित घर पहुंची।
बरखा ने पूछा कि अक्सर लड़की या उनके परिवार वाले छेड़छाड़ के मामलों में शिकायत दर्ज करवाने से डर जाते है, तो आपने किस तरह से आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर इस मामले को आगे लाने का सोचा ? क्या आपको या परिवार को डर नहीं लगा ? इसपर वर्णिका ने जवाब दिया कि भारत में तकरीबन हर महिला सेक्सुअल हर्रास्मेंट की शिकार होती है। रास्ते में चलते हुए ही कई महिलाओं को अनुचित तरीकों से छुआ जाता है।

महिलाओं को ये सब नार्मल लगने लगा है या उनके लिए ये सब इतना नार्मल बना दिया गया है कि ऐसी घटनाओं पर उन्हें गुस्सा आना तो दूर की बात है। वह सोचती हैं कि शुक्र है हमारे साथ इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ। मैंने इस मामले में आवाज़ उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ इसलिए शिकायत की क्यूंकि अगर मैं ऐसा नहीं करती तो जो मेरे साथ उन्होंने किया था, मुझे लम्बे समय तक डराता की मेरे या किसी और के साथ वह दोबारा ऐसे करेंगे।

वर्णिका ने बताया कि चंडीगढ़ एक बहुत सुरक्षित शहर है, जोकि उन्होंने रात में काम करने, घूमने-फिरने का वातावरण और खुला माहौल देता है। वर्णिका के पिता वी एस कुंडू से बरखा ने सवाल किया कि लड़कियों को सुरक्षित रखने के मामले में माँ-बाप अक्सर ओवर प्रोटेटिव हो जाते हैं, उन्हें घर से बाहर नहीं जाने देते या उनपर घर से बाहर निकलने के लिए वक़्त को लेकर पाबंदी लगा देते हैं, जब वर्णिका ने आपको इस मामले में बताया तो आपका क्या रिएक्शन था ?
उन्होंने कहा कि अक्सर आप बच्चों की आजादी नहीं देते, उन्हें उनपर नहीं छोड़ते, या उन्हें बदलने की कोशिश करते रहते हैं। मुझे इस बात के लिए शुक्रगुजार था की वह सुरक्षित घर पहुंच गई है। हमने उन आरोपियों के खिलाफ जब शिकायत की थी, तब हम जानते भी नहीं थे की वह राजनीतिक परिवार से हैं।
इस दौरान वर्णिका ने बताया कि अक्सर महिला अपराध के मामलों में पीड़ित के पहचान को छुपा दिया जाता है। या कैमरे पर सामने आने पर उसका मुंह ढक दिया जाता है। लेकिन मैंने ऐसा नहीं करने का फैसला लिया। मैंने सोशल मीडिया पर स्टेटस शेयर किया, कई न्यूज़ चैनलों पर मेरा इंटरव्यू हुआ, जहाँ पर मैंने अपनी पहचान और चेहरे को नहीं छुपाया, क्यूंकि मुझे लगा कि इससे देश के महिलाओं में इसे लेकर जागरूकता आएगी।

मैंने ऐसा इसलिए किया क्यूंकि मुझे नहीं लगा कि मैंने कुछ गलत किया है, जिसके लिए मुझे अपनी पहचान छिपानी चाहिए, जोकि अक्सर पीड़ित महिलाओं को लगता है या फिर इस समाज में उन्हें ऐसा महसूस करने पर मजबूर कर दिया जाता है।
इसके साथ वर्णिका के पिता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दो बेटियों के पिता होते हुए जब भी मैं बलात्कार के बारे में खबर पढ़ता हूं तो सोचता हूँ कि अगर मेरी बेटियों की तरह ऐसा कुछ हो जाता है।

मैं इस बात से बहुत आश्चर्यचकित होता हूँ कि क्यों बलात्कार पीड़ितों को शर्मिंदगी का विषय बनना पड़ता हैं? जबकि उसमें लड़की या उसके परिवार की कोई गलती भी नहीं होती। हमें यानि इस समाज को उन्हें शर्मिंदा होने का कोई कारण नहीं देना चाहिए। इस दौरान समारोह में शामिल हुई महिलाओं ने उनसे कुछ सवाल किये और अपने साथ हुए कुछ मामलों पर बात की।
महिलाओं ने वर्णिका को समर्थन दिया और उनके इस कदम को काफी सराहा। एक महिला के सवाल का जवाब देते हुए वर्णिका ने बताया कि उन्होंने कई महिलाओं से ये शिकायत सुनी की पुलिस ऐसे मामलों में अच्छी तरह से काम नहीं करती, यहाँ तक की उनकी शिकायत भी दर्ज नहीं की जाती।
लेकिन चंडीगढ़ की पुलिस ने इस मामले को बहुत अच्छी तरह से हैंडल किया, उनकी बदौलत मैं सुरक्षित घर पहुंची। जिसके लिए मैं उनकी बहुत शुक्रगुजार हूँ। पुलिस के साथ वर्णिका ने मीडिया और सोशल मीडिया का भी शुक्रिया किया, जो उस वाट उनके समर्थन में खड़े हुए।
वर्णिका ने कहा कि अगर कोई महिला अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए महिला अपराध के खिलाफ आवाज़ उठाती है तो उसे समर्थन जरूर मिलेगा।
वहां बैठी एक महिला ने वर्णिका से पूछा कि क्या वह इसके बारे में सोचती हैं कि जब विकास जेल से बाहर आएगा तो बदला लेने की कोशिश की।  इसपर वर्णिका ने जबाब दिया कि वह असल में डरी हुई हैं, लेकिन वह उसका सामना करने के लिए तैयार हैं, उनके पिता ने बताया कि उन्होंने वर्णिका और उनके परिवार के लिए कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया है। इसके लिए वर्णिका को लाइसेंस वाली पिस्तौल रखने के लिए दी है। जिसके लिए उन्होंने ट्रेनिंग भी ले ली है।

वर्णिका ने बताया कि उन्होंने सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग काफी पहले से ही ले रखी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अंदर बदलाव लाना चाहिए। बात सिर्फ ये नहीं कि पुरष कैसे सोचते हैं, बात ये भी है कि महिलायें कैसे सोचती हैं। उन्हें किसी का इंतज़ार किये बिना अपने लिए खड़े होने चाहिए। उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए और अपने अधिकारों के लिए खुद लड़ना आना चाहिए।

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