‘भाजपा हो या कांग्रेस, दोनों में दलित और मुस्लिम का उत्पीड़न होता है’

October 14, 2018 by No Comments

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक बात तो साफ है कि अगर बीजेपी वापसी करती है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही होंगे।लेकिन अगर महागठबंधन को सफलता मिली तो प्रधानमंत्री कोन होगा,यह स्थिति स्पष्ट नहीं है। वैसे तो कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं, उन्होंने कहा भी है कि अगर सहयोगी चाहेंगे तो वह प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। लेकिन दूसरे दलों के नेताओं की उम्मीदवारी ख़ारिज नहीं की जा सकती है।

इसी क्रम मे एक बयान आया है भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर का। उन्होंने एक बार फिर बसपा को ही अपनी पार्टी बताया है और दलित प्रधानमंत्री की वकालत की। चंद्रशेखर ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ही सरकारों में दलितों और मुस्लिमों का उत्पीड़न बढ़ा है।वह शनिवार को हिंसा पीड़ित गांव शबबीर पुर में सभा मे बोल रहे थे।

PC: File Photo


मायावती से अपनी राजनीतिक नज़दीकियों पर उन्होंने कहा कि वह उनकी फिक्र करती है इसीलिए वह शब्बीरपुर आयीं। मायवती को आयरन लेडी बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास होगा कि इस बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर मायावती को बैठाया जाए। इस मौके पर भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया, उत्तराखंड प्रभारी महक सिंह, शामली जिलाध्यक्ष नीटू, दीपक बौद्ध भी उनके साथ मौजूद रहे।

चंद्रशेखर को शब्बीरपुर गांव में सभा के लिए विरोध का भी सामना करना पड़ा।गांव के प्रधान शिवकुमार उनकी इस सभा मे शामिल नहीं हुए। दरअसल शिवकुमार नहीं चाहते थे चंद्रशेखर को गांव में आयें । प्रधान शिवकुमार का कहना है कि वे चाहते है कि गांव में भाईचारा बना रहे। इसके लिए प्रशासन को भी अवगत करा दिया था।

सूचना मिलते ही प्रशासन भी हरकत मे आ गया था । इंस्पेक्टर बड़गांव ने गांव में पहुंचकर दूसरे पक्ष के लोगों को कार्यक्रम की ओर न जाने की अपील की थी। एसएसपी, उपेंद्र कुमार का कहना है कि, चंद्रशेखर गांव मे थे जिसका कुछ लोग विरोध कर रहे थे।इसलिए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये थे।

मायावती, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्षा


जिस तरह से भीम आर्मी मायावती की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा रही है उस तरह से बसपा का रुख़ भीम आर्मी के प्रति नहीं दिखता. ऐसे में ये बात देखने की होगी कि मायावती भीम आर्मी का समर्थन स्वीकार करती हैं या नहीं.

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