चुनाव आयोग ने उड़वाई अपनी हंसी,पहले कांग्रेस पर लगाये गंभीर आरोप फिर पलटी मारी

October 5, 2018 by No Comments

आने वाले कुछ ही दिनों में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सभी पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं और सियासी हलचल बहुत तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी तो इतनी ज्यादा व्यस्त है चुनाव की तैयारी में की, रविवार जो कि छुट्टी का दिन होता है उस दिन भी वह चुनाव आयोग से मिलने गई थी।

कांग्रेस पर लगा वोटर लिस्ट में बढ़ोतरी का आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और कांग्रेसचुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव आयोग से मिलने गए थे और आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में वोटर लिस्ट में बढ़ोतरी तो होनी ही थी ।लेकिन वोटर लिस्ट देखकर या लग रहा है कि बढ़ोतरी कुछ ज्यादा ही हुई है उन्हें कुछ फर्जी नामों की शिकायतें लग रही हैं।

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने दी ये सफाई

कमलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में 40 फ़ीसदी बड़ा दिखाई दे रही है। जबकि सही मायने में 24 फीसदी आबादी में वृद्धि हुई है। और तो और कमलनाथ ने ये भी कह दिया कि वोटर लिस्ट ने नामों गड़बड़ी कोई लापरवाही से नहीं हुई है बल्कि इसे जानबूझकर किया गया है। जिसका वह सबूत पेश करेंगे और यह भी दिखाएंगे 60 लाख फर्जी वोटर नए जोड़े गए हैं।

भाजपा पर लगाया आरोप

कांग्रेस की तरफ से लगाए गए आरोप में यह कहा गया कि मध्य प्रदेश में केवल 5 करोड़ मतदाता ही हैं जिसमें 40 फीसदी सीटों पर जब वोटरों की जांच की गई तो 60 लाख फर्जी पाए गए ।जिनके नाम, फोटो ,पता ,आदि में गड़बड़ियां पाई गई ,कुछ तो ऐसे थे जिसमें 1 लोगों के चार बार नाम थे। कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की है, क्योंकि उन्होंने ही ये कराया है। भाजपा जानबूझकर कर चुनाव को मद्देनजर रखते हुए अपनी जीत को शुनिश्चित करने के लिए ऐसा कर रही है।

चुनाव आयोग ने मांगा जबाब

चुनाव आयोग के वकील विकास सिंह ने कांग्रेस द्वारा लागये गए आरोप को खरिज़ करते हुए कहा की याचिकाकर्ता ने जिन फ़र्ज़ी वोटरों की बात की थी वो सब नकली हैं और केवल कोर्ट को गुमराह किया है।कपिल सिब्बल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा जो भी दस्तावेज और आंकड़े पेश किए है वह नकली नही है बल्कि वही है जो सार्वजनिक है। कांग्रेस ने वही आंकड़े किसी को दिए हैं जो टेलीविजन पर भी दिखाए गए हैं ,कोई भी इसमें हेरा फेरी नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने साफ-साफ निर्देश दे दिया कि कोई भी राजनीतिक पार्टी इस तरह की दखलंदाजी नहीं कर सकती, आपको बता दें कि याचिका पर 23 अगस्त को कोर्ट ने ईसी को नोटिस भेजा था।

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