हिमाचल चुनाव: बढ़ सकती हैं बीजेपी की मुश्किलें, कांग्रेस ने दिया सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे को टिकट

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे को मात देने की कोशिशों में पूरी तरह से जुटी हुई है। हिमाचल प्रदेश के 6 बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिखा दिया है कि वह राज्य में बीजेपी की वापसी को काफी मुश्किल कर सकते हैं। इस सन्दर्भ में सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे को टिकट दे दिया है। विक्रमादित्य सिंह को शिमला ग्रामीण से टिकट दिया गया है।
दरअसल कल तक पार्टी में वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह के टिकट को लेकर अभी भी संदेह बरकरार था। कांग्रेस इसपर क्या फैसला लेगी, इसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। शिमला की इस सीट से वर्तमान विधायक खुद सीएम वीरभद्र सिंह हैं, लेकिन वह इस बार इस सीट से चुनाव न लड़कर अर्की से लड़ रहे हैं। साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में सीम वीरभद्र सिंह ने 19,073 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी।

बीजेपी ने शिमला (ग्रामीण) से प्रमोद शर्मा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने अपनी पहली लिस्ट में 9 सीटों पर उम्मीदवारों घोषित नहीं किए थे।
कांग्रेस ने विक्रमादित्य सिंह के अलावा अन्य सात सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा भी की है। जबकि एक सीट पर अपना उम्मीदवार बदला है।

कांग्रेस पार्टी शाहपुर से केवल सिंह पठानिया, पालमपुर से आशीष बुटैल, मनाली से हरि चंद शर्मा, कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर,कुठैलहड़ से विवेक शर्मा, नालागढ़ से लखविंद्र राणा और ठियोग से दीपक राठौड़,अनी विधानसभा क्षेत्र से पारस राम और मंडी विधानसभा से चंपा ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा कर दी है।

आपको बता दें की हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव इलेक्शन कमीशन की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक राज्य में एक ही चरण में 9 नवंबर को वोटिंग होगी और 18 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू है।

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