कांग्रेस ने फिर लगाया EVM में धांधली का आरोप, ये है कारण

भोपाल: मध्य प्रदेश में मतदान के बाद ईवीएम को लेकर सियासी वार तेज हो गए हैं। राज्य के विभिन्न स्थानों पर बने स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। बता दें कि वोटिंग के 48 घंटे बाद शुक्रवार शाम गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र खुरई विधानसभा की 34 ईवीएम मशीनें स्ट्रांग रूम में जमा होने दो जीप, बिना नंबर की एक मिनी बस और एक ऑटो में भरकर शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचीं। ईवीएम को स्ट्रांग रूम के बाहर देखते ही कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेसियों का आरोप था कि मतदान के 48 घंटे बाद तक ईवीएम बाहर कैसे हैं? इन्हें मतदान के तुरंत बाद जमा क्यों नहीं कराया गया? जिला प्रशासन व कांग्रेसियों के बीच काफी देर बहस चलती रही। हंगामा बढ़ता देख प्रशासन भी सतर्क हुआ और लाठीचार्ज करने की पूरी तैयारी कर ली। इतने में खुरई से कांग्रेस प्रत्याशी अरुणोदय चौबे भी पहुंच गए। इसके बाद मशीनें कोषालय में जमा होने की प्रक्रिया शुरू हुई।

दरअसल मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा केंद्रों के 28 नवंबर को हुए मतदान में 2126 वीवीपैट मशीन खराब हुई थी, जबकि ईवीएम मशीनों की 883 बैलेट यूनिट और 881 कंट्रोल यूनिट खराब हो गई थी। सतना जिले में वीवीपैट मशीनें खराब होने से बाहर के जिलों से मशीनें बुलाकर मतदान शुरू करवाना पड़ा था, जिससे वहां डेढ़ घंटे तक मतदान रुका रहा था। शुक्रवार को भोपाल में सुबह डेढ़ घंटे तक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लगे एलईडी खराब हो गए, जिस पर कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया। बाद में जब यह मामला चुनाव आयोग की नजर में आया तो जनरेटर लगवाकर एलईडी शुरू करवाए गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उन्हें ईवीएम जमा करने के वक्त के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराए गए। पार्टी ने चुनाव आयोग से भोपाल कलेक्टर सुदाम खाड़े को हटाने की मांग की है। 

इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘चुनावी कार्य में लगे सभी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकरियों से अपील है कि वे लोकतंत्र के महापर्व के अवसर पर मतगणना तक निष्पक्षता का आचरण करें। हमें कुछ अधिकरियों के खिलाफ शिकायत मिली है।’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि सभी कांग्रेसजन, कांग्रेस प्रत्याशियों से अपील है कि 11 दिसंबर को मतगणना तक स्ट्रांगरूम व ईवीएम पर निगरानी रखें, विशेष सावधानी रखें। कांग्रेस की सरकार बननी तय है। 

कांग्रेस की मांग है कि इन मशीनों का भौतिक सत्यापन उनके सामने कराया जाए तथा इन मशीनों को मतगणना समाप्त होने तक अलग रखा जाए. साथ ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करते हुए अपराधिक मामला दर्ज किया जाए. दूसरी तरफ, इस पूरे मामले में प्रशासन का कहना है कि यहां पहुंची ईवीएम मशीन रिजर्व कैटिगरी की थीं, जो स्टाफ की कमी के कारण सागर में बनाए गए स्ट्रांग रूम के वेयरहाउस में निर्धारित समय पर नहीं पहुंचाई जा सकीं. प्रशासन ने घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मशीनों को कांग्रेस के प्रतिनिधियों के सामने जांच के बाद कलेक्टर कार्यालय में बने ट्रेजरी के स्ट्रांग रूम में रखने के निर्देश दिए गए हैं.  

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