कांग्रेस ने ओवैसी को दिया CM पद का ऑफर

तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले गहमागहमी तेज़ है. नए गठबंधन बनने की सुगबुगाहट आ रही है. एक तरफ जहां टीआरएस को भाजपा ने समर्थन देने की बात कही है और साथ ही ये भी कह दिया है कि ये तब होगा जब टीआरएस मजलिस का साथ छोड़ेगी. वहीं अब ख़बर है कि कांग्रेस आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन से गठबंधन को लेकर बात कर रही है. अफवाहों की माने तो बात यहाँ तक पहुँच गयी है कि कांग्रेस ओवैसी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार है.

माहौल और चुनाव को देखें तो लगता है कि ओवैसी की पार्टी को 6 से 8 सीटें मिल सकती हैं. तेलंगाना विधानसभा में कुल 119 विधानसभा सीटें हैं, 60 सीटें जिस पार्टी या गठबंधन को मिलेंगी वही सरकार बनाएगा. एग्जिट पोल की माने तो मुक़ाबला आस पास का ही है. ऐसे में मुमकिन है कि ओवैसी की सीटें मुख्यमंत्री पद के चुनाव पर असर डालें. हालाँकि अभी तो टीआरएस और मजलिस का एक तरह का गठबंधन है लेकिन राजनीति में कुछ भी मुमकिन है. भाजपा टीआरएस को ऑफर दे रही है कि अगर वो मजलिस का साथ छोड़े तो टीआरएस को भाजपा समर्थन करेगी लेकिन भाजपा राज्य में मजलिस से कमज़ोर ही है, ऐसे में टीआरएस के लिए ये कोई बहुत समझदारी का सौदा नहीं होगा.

ऐसी ख़बरें हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बार-बार ओवैसी से संपर्क साधे हुए हैं. ओवैसी ने इस बारे में एक बयान देकर कहा है कि उनके लिए विकल्प खुले हैं लेकिन उन्हें लगता है कि टीआरएस आसानी से बहुमत पा लेगी. कांग्रेस इस उम्मीद में है कि टीआरएस को बहुमत न मिले, ऐसा होने पर कांग्रेस ओवैसी का समर्थन कर सकती है. जानकार मानते हैं कि इससे लोकसभा में मुस्लिम वोट कांग्रेस को मिल सकता है. परन्तु कुछ लोगों का मानना है कि ओवैसी की पार्टी की छवि साम्प्रदायिक है, ऐसे में इसका नुक़सान कांग्रेस को सेक्युलर वोट गंवा कर चुकाना पड़ सकता है. आपको बता दें कि चुनावी रैली के दौरान असदउद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि अगर कर्नाटक में कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो हम क्यूँ नहीं.

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