गुजरात में उत्तर भारतीय लोगों पर हुए हमले, कांग्रेस ने …

October 8, 2018 by No Comments

गुजरात। 2002 के गुजरात दंगों को कोन भूल सकता है जब एक धर्म विशेष के लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उसी गुजरात से अब प्रांतीय टकराव की ख़बरें आ रही हैं । यहाँ पिछले कुछ समय से खासकर उत्तर भारतीयों पर लगातार हमले हो रहे हैं।

हिंसा की शुरुआत गुजरात के साबरकांठा जिले से हुई।यहाँ 14 महीने की बच्ची से कथित तौर पर रेप के आरोप में बिहार के एक मजदूर की गिरफ्तार किया गया था ,इसके बाद वहां गैर गुजरातियों के खिलाफ हिंसा का माहौल बन गया है। सोशल मीडिया ने हमेशा की तरह अपना पूरा काम किया। बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ नफरत भरे संदेश फैलाए गये ।देखते ही देखते हिंसा का ऐसा माहौल बना कि गुजरात के कई और शहर भी हिंसा की चपेट में आ गये। अब हालत यह है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोग जान बचाने के लिए गुजरात छोड़ कर जा रहे हैं ।

हालांकि गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा ने पलायन का कारण हिंसा के बजाय त्योहार को माना है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की ,जिसमें उन्होंने कहा कि अगर लोग त्योहारों के कारण घर जा रहे हैं तो इसे हिंसा से जोड़कर गलत तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। हिंसा पर नियंत्रण के बारे मे उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक 342 लोगों को हिरासत में लिया गया है ।

इसके साथ ही गांधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा, पाटन और अहमदाबाद जिलों में पुलिस ने पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।उन्होंने बताया कि इन इलाकों से मारपीट की खबरें ज्यादा आ रही हैं । उनके अनुसार वह सोशल मीडिया पर भी निगरानी बनाए हुए हैं।कारखानो और हाउसिंग सोसायटी पर भी उनकी पैनी नज़र है।

क्योंकि गुजरात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ग्रह राज्य है ,इसलिए सवाल उनसे भी पूछे जाएंगे। कांग्रेस की और से संजय निरुपम का बयान आया है ,उन्होने उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के लोगों पर हमले को लेकर प्रधानमंत्री पर तंज़ करते हुए कहा कि कहा कि उनको यह नहीं भूलना चाहिए कि कल को उन्हें वोट मांगने के लिए वाराणसी भी जाना है जो कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है।

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