संविधान ने अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग के लोगों को वोट का अधिकार दिया है: वामन मेश्राम

December 29, 2017 by No Comments

बामसेफ के सुप्रीमो और दलित चिन्तक वामन मेश्राम ने कांग्रेस और भाजपा को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तो भाजपा विपक्ष में और जब भाजपा सत्ता में होती है तो कांग्रेस विपक्ष में. मेश्राम ने कहा कि आपस में मिलीभगत करके ये हिन्दू-मुस्लिम का मामला खड़ा करते हैं.

उन्होंने एक फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिये संविधान में दिए गए अधिकारों की बात भी की. उन्होंने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में कहा,”संविधान में हजारों अधिकार दिये हैं, आरक्षण उनमें से एक अधिकार है| एसे संविधान में जो हजारों अधिकार हैं| धर्मशास्त्रों में बहुजनों को अधिकार वंचित किया था संविधान ने इनको अधिकार संपन्न कर दिया है| संविधान ने अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग के लोगों को वोट का अधिकार दिया है और यह वर्ग 85 प्रतिशत है अगर यह सब मूलनिवासी एक होकर अपना वोट दे तो मूलनिवासी देश के शासक बन जायेंगे और कोई भी ब्राह्मण मूलनिवासियों को हुक्कराम बनने से रोक नहीं पायेगा| इसलिए ब्राह्मण सबसे जादा संविधान का विरोध करते है|”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि वो ये मानते हैं कि देश की सबसे बड़ी समस्या वर्ण-व्यवस्था, जाति-व्यवस्था और अस्पृश्ता है जोकि पिछले हज़ारों सालों से चली आ रही है. उन्होंने कहा कि लेकिन जिन लोगों की वजह से वर्ण-व्यवस्था, जाति-व्यवस्था और अस्पृश्ता हैं वे लोग वर्तमान को हिन्दू-मुसलमानों की समस्या को बड़ा बनाकर वर्ण, जाति और अस्पृश्ता की समस्या को चर्चा के दायरे में लाना ही नहीं चाहते. उन्होंने इसका कारण ये बताया कि वर्ण, जाति और अस्पृश्ता की समस्या को चर्चा के दायरे में लाने से ख़तरा पैदा होता है. मेश्राम ने कहा कि यही वजह है कि बार-बार हिन्दू-मुस्लिम समस्या खड़ी की जाती है और इसे सामने रखा जाता है.

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