ये देश पूंजीपतियों के लिए एक चमकता भारत है, लेकिन बेरोजगारों के लिए तरसता भारत है

January 11, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: सीपीआई (एम) के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी पार्टी के तीन दिवसीय राज्यस्तरीय अधिवेशन में शामिल होने धनबाद पहुंचे।
यहाँ जिला परिषद मैदान में आमसभा के दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार पर देश को विदेशी कंपनियों के हाथों देश को बर्बाद करने के आरोप लगाए।
येचुरी ने इस जनसभा को संबोधित करते हुए कहा की केंद्र में बैठी मोदी सरकार खुद को देश के गरीब और मध्यम वर्ग का हिमायती बताती है लेकिन विदेशी पूंजी के लिए मौजूदा सरकार अमेरिका के सामने झुक गई है। ये सरकार देश की संपत्ति को विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने में लगा रही है।
विदेशी कंपनियां भारतीय संपत्ति का इस्तेमाल कर अपने बिज़नेस को बढ़ाती चली जा रही हैं और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में पूंजीपतियों के अच्छे दिन आ गए हैं। वहीँ देश का युवा बेरोजगारी के बोझ तले दबकर कमजोर होता जा रहा है, बेरोजगारी के कारण देश के युवा परेशान हैं।

हमारा देश पूंजीपतियों के लिए चमकता भारत है, लेकिन बेरोजगारों के लिए यह तरसता भारत है। इन तीन सालों में देश के 96 लाख लोग बेरोजगार हो गए। वहीँ मजदूर वर्ग और किसान मोदी सरकार के राज में आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। क्या पीएम मोदी के अच्छे दिनों का मतलब यही है?
पीएम मोदी ने दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का जो वादा किया था, वह कहां गया? आज कल-कारखाने बंद हो रहे हैं। गरीब किसानों-मजदूरों का निवाला छीना जा रहा है, जिसे अनदेखा किया जा रहा है।

किसान अपना कर्ज माफ़ करवाने के लिए आये-दिन संघर्ष कर रहे हैं और सरकार देश के पूंजीपतियों का तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफी कर दिया, वहीँ तीन सालों में उन्हें 11 लाख करोड़ रुपए कर्ज दिया भी गया है।

इस पर सवाल उठाते हुए येचुरी ने कहा कि वहीं 11 लाख करोड़ रुपए पूंजीपतियों से ले लिए जाएं, तो हजारों गरीबों को रोजगार मिल सकता है। हम भारत को फिर से सबसे महान बना सकते हैं। इसके लिए वैकल्पिक नीतियां चाहिए। देश के विकास के लिए नेता नहीं, नीतियां जरूरी हैं।

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