लेनिन की मूर्ति गिराए जाने पर सीपीएम का जवाब-“मूर्ति तोड़ सकते हो, हौसला नहीं”

March 6, 2018 by No Comments

त्रिपुरा में चुनाव ख़त्म हो गए हैं, नतीजे भी आ गए हैं और सरकार बनाने को लेकर ज़रूरी सभी तैयारियां भी हो गयी हैं लेकिन इस बार चुनाव के नतीजों के बाद कुछ ऐसा हुआ है जो त्रिपुरा में पिछले कई सालों में नहीं हुआ. त्रिपुरा में असल में इस बार नतीजे आने के बाद ज़बरदस्त हिंसा हुई है. ये हिंसा लेफ़्ट के दफ़्तरों और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ हुई है और लेफ़्ट नेताओं का कहना है कि ये हिंसा भाजपा और आरएसएस के इशारे पर की जा रही है.

25 साल से त्रिपुरा में सीपीएम की सरकार थी, इस बार चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है. इसके बाद राज्य में कई जगह सीपीएम के दफ़्तरों पर हमला किया गया है. इतना ही नहीं कई जगह पार्टी कार्यकर्ताओं पर ख़तरनाक ढंग से हमले किये गए हैं. इन सभी हमलों के पीछे सीपीएम दक्षिणपंथी बीजेपी को ज़िम्मेदार मान रही है. त्रिपुरा में रूसी क्रान्ति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ती को भी ढहा दिया गया. इस घटना की समूचे देश में निंदा हो रही है. लेफ़्ट समर्थक इसकी तुलना अफ़ग़ानिस्तान में बौद्ध की मूर्ती ढहाने से कर रहे हैं. वहीँ कुछ भाजपा नेताओं के ट्वीट भी विवादों में आये हैं.

सीपीएम ने इस बीच सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है और अपने समर्थन में लोगों को खड़ा होने की बात कह रही है. इतना ही नहीं पार्टी ने कहा है कि वो इस तरह की हिंसा का जवाब देंगे. सीपीएम ने लगातार ट्वीट के ज़रिये ये भी कहा है कि आप हमारी मूर्तियों को तोड़ सकते हो लेकिन हमारी हिम्मर नहीं.

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