सुल्तानपुर में 5 में से 4 विधायक भाजपा के हैं लेकिन दलाली में व्यस्त हैं: वंशराज दूबे

November 3, 2018 by No Comments

आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई CYSS के अवध प्रांत के अध्यक्ष वंशराज दूबे से ‘भारत दुनिया’ ने बात की. इस बातचीत के अंश हम अपने पाठकों के लिए यहाँ साझा कर रहे हैं.

सवाल: उत्तर प्रदेश की युवा राजनीति को आप किस तरह से देखते हैं?

देखिए उत्तर प्रदेश प्रदेश की मिट्टी ने इस देश को आगे ले जाने के लिए तमाम नौजवान दिए है जिन्होंने समय-समय पर राजनीतिक रूप से सामाजिक रूप से इस देश की विकासशील परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया है। मैं यह मानता हूं कि आज इस 21वीं सदी में उत्तर प्रदेश का नौजवान जो किसी भी दल में हो, किसी भी विचारधारा से हो, वह ईमानदारी से और नेक नीयत के साथ इस देश को आगे ले जाने के लिए ,समाज को आगे ले जाने के लिए तत्पर है । हां कुछ दलों के नौजवान जिनको हम भटके हुए नौजवान भी कह सकते हैं जो आए दिन पार्टियों के इशारे पर, नेताओं के इशारे पर ओछी राजनीति करने पर मजबूर हैं ऐसे नौजवानों को हम सबको सही दिशा दिखाने की भी जरूरत है। यह बात बिल्कुल ठीक है कि वर्तमान की योगी सरकार में नौजवानों और युवाओं पर दमनकारी फरमान जारी करके उनकी आवाज को ख़ामोश करने का काम हो रहा है. राजनीति की नर्सरी कहे जाने वाले डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जब कोई नौजवान छात्रों के हक़ और अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए आगे आता है तो विश्वविद्यालयों के वीसी द्वारा सरकार के इशारे पर अनाप-शनाप आरोप लगाकर उसको जेल भेजने का काम इस सरकार में हो रहा है जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मैं खुद नौजवान हूँ विश्वविद्यालय से पढ़ा हूँ, आज मेरी पढ़ाई चल रही है. मैं एक राजनीतिक पार्टी आम आदमी पार्टी का एक कार्यकर्ता हूँ, आपको बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि हमारी पार्टी के राज्यसभा के सांसद आदरणीय श्री संजय सिंह जी जो उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं ..वह सदन में योगी सरकार की बर्बरता का अकेले खड़े होकर विरोध करते हैं. आदरणीय सांसद जी ने नौजवानों की आवाज उत्तर प्रदेश की सड़कों से उठाकर सदन में पहुंचाने का काम किया है। कई मौके पर हमने देखा कि वह दिल्ली से राज्यसभा सांसद जरूर हैं लेकिन वह खुद उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से हैं और यही वजह है कि वह उत्तर प्रदेश के नौजवानों और युवाओं का दर्द समझते हैं,इस वजह से उत्तर प्रदेश के नौजवान और युवा उन्हें बेहद पसंद करते हैं।

सवाल: विकास के मामले में सुल्तानपुर पिछड़ सा क्यों गया है?
वाकई यह दुर्भाग्यपूर्ण है जबकि आपको बता दूं कि सुल्तानपुर ने उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री देने का काम किया है एक ही सरकार में सांसद विधायक और मंत्री तक इस जिले से हुए है किंतु विकास के नाम पर इस जिले को राजनीतिक दलों ने और उनके नेताओं ने ठगने का काम किया। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तो बात यह है की वर्तमान के सांसद जी ने जो जो गांव गोद लिया था उस गांव का ही जब विकास माननीय सांसद जी नहीं कर सके तो पूरे जिले की बात क्या करेंगे।

यहाँ विधानसभा की 5 सीटें हैं और 4 पर भाजपा का विधायक है किंतु लगभग सभी विधानसभाओं में यह हाल है कि विधायक दलाली करने में ज्यादा व्यस्त हैं, थानों पर आप एफ़आईआर दर्ज कराने जाइए दरोगा सौ ,दो सौ, पाँच सौ रुपये लिए बिना एफआआर दर्ज नहीं करता । सुल्तानपुर शहर के अंदर रेड़ी ठेले वाले,पटरी वाले जो रोजी-रोटी कमाने के लिए सुबह से शाम तक कड़ी धूप में मेहनत करते हैं उनको उनके ठेला लगाने के लिए दो सौ, चार सौ रुपये नजदीकी पुलिस थाने पर और नगर पालिका को पहुंचाना पड़ता है उनके लिए ना तो कोई जगह दी जाती है और उल्टा आए दिन उन प्रशासन द्वारा लाठियां भांजी जाती है है। विधानसभा के अंतर्गत आने वाले आने वाले जो सरकारी अस्पताल और पशु चिकित्सालय होते हैं उनकी हालत बद से बदतर हो गई हो गई है योगी आदित्यनाथ जी लखनऊ में बैठकर बड़े बड़े दावे करते हैं लेकिन सब दावे ढाक के तीन पात के बराबर रहते हैं ।इससे पूर्व भी जो सरकारें रही रही रही जो सरकारें रही उन्होंने भी सरकारी अस्पतालों को ठीक करने का कोई काम नहीं किया ।

वही हमारी दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार है जो आज सरकारी अस्पतालों को तो ठीक किया ही जहां पर सारी जांच और दवाइयां मुफ्त मिल रही है वहीं दूसरी तरफ छोटे-छोटे मोहल्लों में मोहल्ला क्लीनिक खोलकर गरीब,किसान,मजदूर, आम आदमी का इलाज मुफ्त में करने का काम कर रही है। सुल्तानपुर पूरे शहर में जाम की भयंकर समस्या है जिस से निजात पाने के लिए निजात पाने के लिए प्रशासन और सरकार के पास कोई उपचार नहीं है सरकारी स्कूलों की हालत बद से बदतर हो गई है किसानों को सिंचाई करने के लिए अपने खेतों में अलग से बोरिंग करवानी पड़ती पड़ती है क्योंकि सरकारी नलकूप कई तो खराब हो चुके हैं और कई बंद पड़े हैं रात में 9:00 बजे के बाद अगर किसी को बाहर आना जाना पड़े तो उसकी सांसे फूल जाती हैं हैं क्योंकि चोर उचक्कों और अपराधियों का आतंक फैला हुआ है।
अब तक की तमाम सरकारों ने और उनके विधायकों और सांसदों ने सुल्तानपुर के नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने की बात की किंतु हर बार सबने सिर्फ़ ठगने का काम किया है हर बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव में यह नेता नौजवानों के बीच में आते हैं और सुल्तानपुर में उनके लिए रोजगार उपलब्ध कराने की बात पर वोट लेकर चले जाते हैं लेकिन उसके बाद पूरे 5 साल को पलट कर देखते भी नहीं भी नहीं कर देखते भी नहीं भी नहीं कि जिन नौजवानों से हमने रोजगार के नाम पर वोट लिया लिया था आखिर उनको क्या जवाब देंगे। सुल्तानपुर जिले के युवा और नौजवानों को उच्च शिक्षा के लिए ,रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है। पूरे सुल्तानपुर जिले के अंदर नौजवानों का बड़े रूप में पलायन हर साल हो रहा है जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सवाल: आज कल के युवाओं के लिए अहम सवाल कौन से हैं?
वर्तमान समय में युवाओं और नौजवानों के लिए सबसे अहम सवाल है रोजगार का, आज उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में जिस तरीके से नौजवानों और युवाओं के साथ एक गंदा मजाक किया जा रहा है वर्तमान की सरकार द्वारा आप सोचिए कि 2014 में हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा मोदी की सरकार ने किया था. डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी तमाम योजनाएं सिर्फ और सिर्फ कागजी योजना बन के रह गई साड़े 4 साल बाद नौजवानों का यह हाल है की नौकरियां तो मिल नहीं रही है और जो बची-खुची नौकरियां थी उसको जीएसटी और नोटबंदी करके छीनने का काम इस सरकार ने किया है. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जब से आई है जितने भी प्रतियोगी परीक्षार्थी हैं,वो आए दिन अपनी मांगों को लेकर योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मिलने आते हैं तो उन पर योगी आदित्यनाथ की सरकार गुंडई करते हुए बर्बरता पूर्वक लाठियां चलवाती है योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी को यह तनिक भी कष्ट नहीं है कि जिन गांव गरीब किसान मजदूर के बेटे बेटियों पर या लाठियां चलवा रहे हैं उन्हीं नौजवानों के दम पर इस सरकार सत्तासीन हुई. इन को बिल्कुल भूल नहीं चाहिए कि जो नौजवान इनको अपने कंधे पर बैठाकर सत्तासीन किया है वहीं नौजवान इनकी सरकार को जनाजा देने का भी काम करेगा 2019 और 2022 में।

सवाल: दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी पीछे क्यों रह जा रही है?
नहीं देखिए, ऐसी कोई बात नहीं है आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा सांसद आदरणीय श्री संजय सिंह जी के नेतृत्व में जो उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं दिन-ब-दिन प्रगति कर रही है । हाल ही में अभी लगभग 500 किलोमीटर की पदयात्रा आदरणीय श्री संजय सिंह जी की अगुवाई में उत्तर प्रदेश के साथियों ने संपन्न की. प्रथम चरण की पदयात्रा बनारस से बलिया तक लगभग 250 किलोमीटर की पदयात्रा हुई और एक व्यापक रूप में अच्छा परिणाम मिला गांव से छोटे- छोटे बाजारों से तमाम छोटे-बड़े संगठनों ने आदरणीय सांसद जी से मुलाकात करें के अपनी समस्याएं बताई और उन समस्याओं को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद आदरणीय संजय सिंह जी ने सड़क से उठाकर सदन में पहुंचाने का काम किया ।

दूसरे चरण की पदयात्रा हमारी सहारनपुर से नोएडा तक की हुई वहां भी गन्ना किसानों से लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों ,शिक्षामित्रों अटेवा पेंशन ऐसे तमाम संगठनों ने आदरणीय सांसद जी से मुलाकात करी और सांसद जी ने आश्वासन दिया कि जैसे ही सदन में सत्र शुरू होगा उनकी आवाज को बुलंद करने का काम करेंगे । अभी भी हमारी तीन चरण की पदयात्रा बाकी है उत्तर प्रदेश में जो आखिरी चरण की पदयात्रा है वह अयोध्या से लखनऊ तक की है । और जब सभी पांचों चरण समाप्त हो जाएंगे उत्तर प्रदेश में तो आपको देखने को मिलेगा कि आम आदमी पार्टी का संगठन उत्तर प्रदेश में सबसे बेहतर नजर आएगा। हाँ यह जरूर है कि लोगों को जागरूक करना थोड़ा सा समय लगता है उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से धर्म के नाम पर जाति के नाम पर आम आदमी को भड़काया जाता है असली मुद्दे से, उससे उबरने में थोड़ा समय लगेगा लेकिन या जरूर है कि अच्छाई को आप बुराई से जीत नहीं सकते दिल्ली में जो आम आदमी पार्टी की सरकार काम कर रही है. उस सरकार का काम उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंच रहा है कारण क्या है कि दिल्ली में तमाम उत्तर प्रदेश के लोग रहते हैं जो रोजी रोजगार के चक्कर में दिल्ली जाते हैं लेकिन जब वह देखते हैं कि दिल्ली में बेहतरीन सुविधाएं मोहल्ला क्लीनिक पानी बिजली माफ स्वास्थ्य सेवाएं शिक्षा सेवाएं ट्रांसपोर्ट सेवायें सब बेहतरीन हो रही, सभी क्षेत्रों में अनुकरणीय काम कर रही है अरविंद केजरीवाल जी की सरकार तो वह आकर अपने गांव में चर्चा करते हैं जिसका कहीं न कहीं फायदा पार्टी को हो रहा है तो ऐसा नहीं है धीरे-धीरे पार्टी उत्तर प्रदेश में भी अपनी पैठ मजबूत कर रही है आदरणीय सांसद श्री संजय सिंह जी की अगुवाई में।

सवाल: आने वाले चुनाव में आम आदमी पार्टी की क्या रणनीति होगी?
फिलहाल चुनाव में रणनीति तय करने का काम पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है. हां यह जरूर है के आने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी 80 से 100 सीटों पर तैयारी कर रही है और उत्तर प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सांसद आदरणीय संजय सिंह जी ने लखनऊ में प्रेस वार्ता में आप सबके सामने यह बात भी कही थी उत्तर प्रदेश में लगभग 10 सीटों पर पार्टी तैयारी करेगी।

सवाल: वंशराज दुबे को अगर आने वाले चुनाव में मौक़ा मिला तो क्या वो चुनावी राजनीति में उतरेंगे?
देखिए फिलहाल कुछ ऐसा सोचा नहीं है. अभी पार्टी में संगठन का काम देख रहा हूँ जिसमें मुझे पार्टी की छात्र इकाई CYSS की ज़िम्मेदारी मुझे मिली है, मैं इसमें 100 प्रतिशत देने की कोशिश कर रहा हूँ और साथ-साथ लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं के बारे में सुनने की और उनका समाधान निकालने का काम कर रहा हूँ जिसमें प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सांसद आदरणीय श्री संजय सिंह जी का भरपूर मार्गदर्शन और आशीर्वाद भी मिल रहा है। और अभी चुनावी राजनीति के लिए मेरी उम्र भी नहीं है तो फिलहाल ऐसा कुछ सोचा नहीं है हां यह जरूर है कि जो भी पार्टी का आदेश होगा उसको फॉलो करना मेरी प्राथमिकता होगी।

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