महिला सांसद ने भाजपा को दिया बड़ा झटका, 23 दिसम्बर को होगा एक और बड़ा एलान..

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बहराइच की सांसद और बीजेपी नेत्री सावित्रीबाई फुले ने पार्टी की प्राथमिक सदस्‍यता से इस्‍तीफा दे दिया है. इस्‍तीफा देते हुए उन्‍होंने कहा, आज में बहुत दुखी हूं, आज भारतीय जनता पार्टी के लोगो के मुँह से सुनने को मिलता है कि संविधान बदला जाएगा. न तो संविधान लागू किया जा रहा है न ही आरक्षण लागू किया जा रहा है, मेरी मांगो को सरकार द्वारा ठुकराया गया है, आज भाजपा सरकार बहुजनों के हित में कार्य नही कर रही है. बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी गयी है लेकिन उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नही की गई है.

इससे पहले मंगलवार को फुले ने कहा था कि हनुमानजी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे. उन्होंने कहा कि अगर लोग कहते है कि भगवान राम है और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमानजी ने किया था, उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? फुले का यह बयान योगी आदित्यनाथ द्धारा हनुमान जी को दलित बताने के बाद आया था.सावित्री बाई फुले ने कहा कि संविधान को समाप्त करने की साजिश की जा रही है. दलित और पिछड़ा का आरक्षण बड़ी बारीकी से समाप्त किया जा रहा है. जब तक मैं जिंदा रहूंगी घर वापस नहीं जाऊंगी. संविधान को पूरी तरह से लागू करूंगी. 23 दिसम्बर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में महारैली करने जा रही हूं. उसमें मैं बड़ा धमा-का करूंगी.

एक ओर जहां बीजेपी के कई सांसद केंद्र और यूपी सरकार पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर दबाव बनाते रहते हैं तो वहीं फुले मानती हैं कि देश को मंदिर की जरूरत नहीं है. हाल ही में उन्होंने राम मंदिर के सवाल पर कहा था कि बीजेपी इस मुद्दे को उछाल रही है जैसे कोई और मुद्दा है ही नहीं. उन्होंने कहा कि देश को मंदिर की जरूरत नहीं है, क्या मंदिर बेरोजगारी, दलित और पिछड़ों की समस्याओं को दूर कर सकता है. फुले ने कहा कि मंदिर से सिर्फ ब्राह्मणों को फायदा होगा, जिनकी आबादी सिर्फ तीन फीसद है. मंदिर में जो पैसा चढ़ता है उसी का इस्तेमाल कर ब्राह्मण हमारे दलित समुदाय को अपना गुलाम बनाते हैं.

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