दुल्हे हो जाए सावधान,दिल्ली हाईकोर्ट ने बारात को लेकर सुनाया ऐतिहासिक फैसला

किसी भी कार्यक्रम के दौरान अगर हर्ष फायरिंग में कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कार्यक्रम के आयोजक होगी। न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने कहा कि जिस व्यक्ति ने शादी या फिर अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया है वह सुनिश्चित करे कि उनका अतिथि हर्ष फायरिंग न करे और ऐसा होने पर वह खुद हर्ष फायरिंग की सूचना पुलिस को दे।
दरअसल, अप्रैल 2016 में उत्तरी दिल्ली निवासी श्याम सुंदर कौशल की 17 साल की बेटी अंजलि गली से निकल रही बारात को देखने के लिए अपने घर की बालकोनी में खड़ी थी। तभी बारात में आए किसी अतिथि ने हवा में गोली चला दी, जो अंजलि के सिर में लगी। इससे उसकी मौ’त हो गई।बेटी के मौत के बाद श्याम सुंदर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दूल्हे, उसके पिता, सरकार तथा पुलिस से 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसकी बेटी की मौत के लिए दूल्हे पक्ष की लापरवाही जिम्मेदार है।
गौरतलब है कि पीठ ने साथ ही यह भी कहा कि अगर मामले में दिल्ली सरकार द्वारा दिशानिर्देश बनाए जाने तक कार्यक्रम आयोजक ही हर्ष फायरिंग में होने वाली दुर्घटना का जिम्मेदार होगा। न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने कहा कि आप यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कि आपने अतिथि को हर्ष फायरिंग करने को नहीं कहा था।दूसरी तरफ दूल्हे व उसके परिजनों का तर्क था कि बारात में किसी भी हर्ष फायरिंग की उन्हें जानकारी नहीं थी। बारात में हथियार के इस्तेमाल पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था।
पहले भी कई मामले हो चुके है जिसमे एक मामला यूपी का है। उत्तर प्रदेश के एक गांव में शादी के मंडप तले उस वक्त मातम पसर गया जब हर्ष फायरिंग के दौरान दूल्हे की मौत हो गई। यह घटना लखीमपुर खीरी के थाना नीमगांव के रामपुर गांव की है। उस रात जिस वक्त द्वारचार की रस्म निभाई जा रही थी, उस वक्त बरातियों द्वारा हर्ष फायरिंग करके जश्न मनाया जा रहा था। इधर दूल्हा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ द्वारचार करने बैठा था और फेरे लेकर अपनी दुल्हन को अपने साथ ले जाने का इंतजार कर रहा था, उस वक्त बारातियों द्वारा हवाई फायरिंग करके डांस किया जा रहा था।

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