‘ईरान की महत्वकांक्षा सऊदी अरब को ख़त्म करने की है’

March 21, 2018 by No Comments

तेहरान: ईरान और सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर ‘शीत युद्ध’ जैसी स्थिति काफ़ी समय से है। दोनों देश के नेता एक दूसरे के ख़िलाफ़ बयान देते रहते हैं। इस बीच सऊदी अरब के इंटेलिजेंस चीफ़ ने बयान दिया है कि ईरान सऊदी अरब को ख़त्म करना चाहता है। प्रिंस तुर्की अल फ़ैसल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ईरान सऊदी अरब के लिए कभी ख़तरा बन पाया है लेकिन ईरान की महत्वकांक्षा यही है कि वो सऊदी अरब को ख़त्म कर दे।

उन्होंने कहा कि लेकिन ये कोई नई बात नहीं है, ये तो तब से है जब ख़ुमैनी सत्ता में थे। उन्होंने ईरान पर ईराक़, लेबनान, यमन और सीरिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों में दख़ल देने से पहले ज़रा भी नहीं झिझका और ना ही ईरान इसे छुपाने की ही कोशिश करता है।

उन्होंने आगे कहा कि यमन सऊदी अरब की सीमा से सटा हुआ है, अगर ऐसी ही स्थिति कनाडा या मेक्सिको में होती तो अमरीका क्या करता, अमरीका ख़ुद को डिफेंड करता… हाँ हम इसकी क़ीमत चुका रहे हैं लेकिन मुझे लगता है कि ये हमारे इंटरेस्ट में है। गौरतलब है कि 2011 से यमन में गृह युद्ध चल रहा है। इस गृह युद्ध में सऊदी अरब यमन की सरकार के साथ है जबकि ईरान हौथी विद्रोहियों के समर्थन कर रहा है।

आपको बता दें की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यमन में सऊदी अरब के सैन्य अभियानों का समर्थन किया है। राष्ट्रपति ट्रम्प के इस फैसले को यूएस सीनेट का भी समर्थन मिल गया है। अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पक्ष में यमन में एक सैन्य अभियान चलाते हुए सऊदी सेना को अमेरिकी सैन्य सहायता जारी रखने के फैसले का समर्थन किया। वोट से पहले सीनेट की बहस के दौरान, कुछ समर्थकों ने यमन में तीन साल तक संघर्ष “मानवीय विपत्ति” करार दिया। जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को दोषी ठहराया है।

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