भाजपा में तेज़ हुए बग़ावत के सुर; वरुण गाँधी ने की चुनाव आयोग की आलोचना..

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेताओं में एक गुट ऐसा तैयार हो गया है जो पार्टी से नाराज़ भी है और इस नाराज़गी को ज़ाहिर भी कर रहा है. यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और स्शात्रुघन सिन्हा के बाग़ी तेवरों के बाद वरुण गाँधी ने भी अपनी ही पार्टी के विचारों से नाइत्तफ़ाक़ी दिखायी है. पहले रोहिंग्या मुद्दे पर भाजपा के रुख़ से अलग एक आर्टिकल लिख चुके वरुण ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाये.

एक ओर जहाँ केंद्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता चुनाव आयोग का बचाव करते नज़र आ रहे हैं, वरुण ने कहा कि चुनाव आयोग एक बिना डांट वाला शेर है और यही सबसे बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि एक बार चुनाव ख़त्म हो जाएँ तो आयोग मुक़दमा भी नहीं कर सकता, उसे सुप्रीम कोर्ट जाना होगा.

उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान का आर्टिकल 324 कहता है कि चुनाव आयोग इलेक्शन को कण्ट्रोल और सुपरवाइज़ करता है लेकिन क्या ये ऐसा करता है?

वरुण गाँधी के इन तेवरों को बाग़ी ही माना जा रहा है. इसके पहले वरुण गाँधी ने एक अखबार में लेख लिख कर कहा था कि “रोहिंग्या लोगों को यूँ ना ठुकराएँ”. उनके अलावा बिहार के क़द्दावर नेता शत्रुघन सिन्हा ने एक चैनल से बातचीत में कहा था कि अगर सच बोलना बग़ावत है तो हम भी बाग़ी हैं. उन्होंने लाल कृष्ण अडवानी की उपेक्षा पर भी नाराज़गी जतायी. सिन्हा ने कहा था कि पार्टी के 80% लोग ये चाहते थे कि अडवाणी राष्ट्रपति बनें. यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी केंद्र सरकार की नोटबंदी और GST की लगातार आलोचना करते रहे हैं.

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