डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी पर सऊदी अरब ने दिया बड़ा बयान

October 14, 2018 by No Comments

जमाल खाशोग्गी के गुमशुदा हो जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. सऊदी अरब ने भी इस मामले में अब कड़ा रुख़ अपना लिया है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अगर जमाल खाशोग्गी की हत्-या में सऊदी अरब का हाथ है तो सऊदी अरब को इसका अंजाम भुगतना होगा. अमरीका की इस धमकी पर सऊदी अरब ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.

बीबीसी में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ सऊदी अरब के एक अधिकारी ने बयान दिया है कि अगर सऊदी अरब के ख़िलाफ़ कोई भी एक्शन लिया जाता है तो इसका अंजाम बुरा होगा. अधिकारी कहते हैं कि सऊदी अरब इस तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है. सऊदी अरब ने तुर्की की ऑथरिटीज़ के आरोप को निराधार बताया है जिसमें कहा गया है कि खाशोग्गी की ह्त्-या सऊदी कांसुलेट में सऊदी एजेंट द्वारा की गयी है.

सऊदी अरब ने इस बारे में कहा है कि कोई भी एक्शन अगर सऊदी अरब के ख़िलाफ़ लिया जाता है तो उससे बड़ा एक्शन सऊदी अरब भी लेगा. सूत्रों के मुताबिक़ सऊदी सरकार का सोचना है कि सऊदी अर्थव्यवस्था ग्लोबल इकॉनमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब इस बारे में पूछा गया कि अगर खाशोग्गी की ह्त्-या में सऊदी अरब का रोल है तो अमरीका के पास क्या विकल्प होंगे तो उन्होंने कहा कि इस बारे में विचार किया जाएगा.

इस मामले में तुर्की ने भी अपनी ओर से तहक़ीक़ात को मज़बूत तरह से किया हुआ है. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन ने इस मुद्दे पर सऊदी कांसुलेट के अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा है कि अधिकारी सिर्फ़ ये कह कर नहीं बच सकते कि वो वहाँ से चले गए. असल में सऊदी कांसुलेट के अधिकारी इस बारे में कोई भी सुबूत दिखाने में नाकाम रहे हैं कि खाशोग्गी कांसुलेट से बाहर चले गए. एक बात और ग़ौर करने की है वो ये कि खाशोग्गी का इंतज़ार बाहर उनकी मंगेतर कर रही थीं. उन्होंने दावा किया है कि खाशोग्गी अन्दर तो गए थे लेकिन बाहर नहीं निकले.

वरिष्ट पत्रकार के लापता होने के बाद से तुर्की और सऊदी अरब के रिश्तों में तल्ख़पन देखा जा सकता है.इस तरह की ख़बरें भी मीडिया में चली हैं कि खाशोग्गी की हत्-या सऊदी कांसुलेट के अंदर हो चुकी है. तुर्की के विदेश मंत्रालय ने बार बार ये कहा है कि सऊदी कांसुलेट के अन्दर जांच की जायेगी.

तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुत जावुसोग्लू ने कहा कि अभी तक सऊदी अरब की ओर से कोई कोऑपरेशन नहीं दिखाई दिया है. आपको बता दें कि जमाल खाशोग्गी वाशिंगटन पोस्ट के लिए भी काम करते हैं और उनका लेखन सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की आलोचना करने वाला रहा है.

इस मामले में फ़्रांस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जिस बात की चर्चा हो रही है वो बहुत ही सीरियस है. उन्होंने कहा कि वो वरिष्ट सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी के ग़ायब हो जाने से चिंतित हैं.
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साहित्य दुनिया की ओर से विशेष

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