द्रौपदी घोष के समर्थन में आये जामिया के छात्र;; LU में छात्रसंघ बहाली को आमरण अनशन

नई दिल्ली: पीएचडी स्कॉलर द्रौपदी घोष का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किये जाने के विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि बिना कोई वजह बताये द्रौपदी घोष का एडमिशन कैंसिल किया गया है. इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए द्रौपदी घोष ने कहा कि 15 सितम्बर को मेरा पीएचडी कैंसलेशन हो चुका है और उसमें सिग्न था डीन ऑफ़ सोशल साइंस का. द्रौपदी ने कहा कि जो आरबिटरेरी नेचर है उसके ख़िलाफ़ हम प्रोटेस्ट कर रहे हैं.

जामिया मिलिया के छात्र इमरान चौधरी ने कहा कि मैटर ये है कि एक हमारी जो पीएचडी स्कॉलर हैं उन्हें बिना किसी वजह के कैंसिल कर दिया गया. उन्होंने कहा कि प्रशासन का रवैया तानाशाही है.

द्रौपदी के समर्थन में कई संघठन भी उनके पक्ष में खड़े हुए जबकि कई छात्रों ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.

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छात्रसंघ बहाली को लखनऊ में आमरण अनशन

लखनऊ विश्विद्यालय में छात्रसंघ बहाली को लेकर आन्दोलन चल रहा है. पिछले 9 दिन से चल रहे धरने को कल ‘लखनऊ विश्विद्यालय छात्रसंघ बहाली मोर्चा’ ने आमरण अनशन में तब्दील कर दिया. आमरण अनशन पर बैठे छात्रों ने बताया कि VC कहते हैं कि अगर पानी भी दो तो मुझे कोई फर्क नही पड़ता.

समाजवादी छात्रसभा के आशीष मिश्रा “बॉक्सर” ने कहा है कि हम सभी ने अपनी चप्पल को त्याग दिया है और व्यक्तिगत तौर पर उन्होंने अपने बाल भी त्याग दिए हैं और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वो सर पर बाल नहीं आने देंगे. समाजवादी छात्रसभा के ही महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जब तक छात्रसंघ बहाल नहीं होगा छात्रों की समस्याएं दूर नहीं होंगी.छात्रसभा के ही माधुर्य “मधुर” कहते हैं कि अगर प्रशासन नहीं माना तो हमें मजबूरन आत्मदाह करना होगा. ABVP की ओर से अनुराग तिवारी ने बताया कि छात्र-हित बिना छात्र-संघ बहाली के नहीं हो सकता.

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