दुबई: महिला अफ़सरों को दी जाएगी मैटरनिटी लीव और स्तनपान ब्रेक

दुबई: दुबई में एक नया क़ानून सरकार ने घोषित किया है. ये क़ानून मानवाधिकारों को देखते हुए बहुत अच्छा माना जा रहा है. महिला अधिकारों के लिए ये एक बड़ा क़दम है. नए आदेश के मुताबिक़ अब महिला अफ़सर को 90 दिन की मैटरनिटी लीव दी जायेगी. इसके अलावा उन्हें स्तनपान के लिए भी बीच में ब्रेक की इजाज़त दी जायेगी.

क़ानून के मुताबिक़ महिला अफ़सर को रोज़ाना दो घंटे का स्तनपान-ब्रेक दिया जाएगा. इस ब्रेक को महिला अफ़सर अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकेंगे. मैटरनिटी लीव और स्तनपान ब्रेक का इस्तेमाल सिविल डिफेन्स, इमीग्रेशन और पुलिस में किया जा सकेगा.

मैटरनिटी लीव एक बच्चे के पैदा होने के 90 दिनों तक दी जायेगी.इन दिनों में हॉलिडे शामिल रहेंगे. इस दौरान माँ को सैलरी पूरी दी जायेगी. हालाँकि अगर कोई इमरजेंसी होती है तो इसे तीन महीने बढ़ाया जा सकता है. क़ानून के मुताबिक़ अगर पैदा हुए बच्चे की मौत हो जाती है तो छुट्टी को कैंसिल कर दिया जाएगा. इस अवस्था में अफ़सर चाहे तो ६० दिन की बर्थ-लीव ले सकता है.

दुबई के रूलर शेख मुहम्मद बिन रशीद अल मक्तूम ने इस बारे में एक आदेश जारी किया है. हालाँकि इस आदेश में उन अफसरों को कोई रियायत नहीं मिलेगी जो परिक्षा देने के लिए छुट्टी पर हैं या वो जो इस्तीफ़ा दिए हुए हैं.

अरब देशों पर अक्सर ये आरोप लगते हैं कि ये मानवाधिकारों के मामले में पीछे हैं लेकिन पिछले दिनों जो फ़ैसले सऊदी अरब, और UAE जैसे देशों में लिये गए हैं वो पूरी दुनिया के लिए मिसाल हैं.

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