ईद ऐ मिलादुन नबी का जुलुस इन शर्तो के पालन के साथ निकालने की अनुमति,सरकार ने कहा-जुलुस में सिर्फ..

गुजरात सरकार ने कहा कि राज्य में ईद-ए-मिलाद के जुलूस में सीमित क्षेत्र में 400 तक की संख्या में लोग शामिल हो सकेंगे.कांग्रेस के तीन विधायकों-गयासुद्दीन शेख, इमरान खेडावाला और मोहम्मद जावेद पीरजादा के आग्रह के एक दिन बाद राज्य सरकार ने यह घोषणा की.

इन विधायकों ने सरकार से आग्रह किया था कि जुलूस में लोगों के शामिल होने की संख्या 15 से बढ़ाकर 400 तक की जानी चाहिए। गुजरात सरकार ने राज्य में ईद-ए-मिलाद समारोह को रविवार को मंजूरी दे दी थी और घोषणा की थी कि cov id-19 की स्थिति को देखते हुए कुछ प्रति/बंधों के साथ मंगलवार को जुलूस निकाला जा सकता है।

गृह विभाग द्वारा रविवार को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मंगलवार को मनाए जाने वाले ईद-ए-मिलाद के जुलूस में एक वाहन और 15 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते।

राज्य सरकार द्वारा रविवार को अधिसूचना जारी किए जाने के बाद, शेख और दो अन्य मुस्लिम विधायकों ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर संबंधित नियम पर नाराजगी व्यक्त की और उनसे गुजरात में को-विड​​​​-19 संबंधी मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार एक जुलूस में 400 तक की संख्या में लोगों के शामिल होने की अनुमति देने का आग्रह किया।

राज्य के आठ शहरों में जारी नाइट कर्फ्यू के कारण जुलूस केवल दिन में ही निकाले जा सकते हैं और ये अपने इलाकों में ही सीमित रहने चाहिए, जिससे कि ये कम से कम समय में पूरे हो सकें।

बता दें कि गुजरात के आठ प्रमुख शहरों में रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक रात का क/र्फ्यू है, जहां राज्य सरकार पहले ही 400 लोगों की सीमित संख्या के साथ धार्मिक, राजनीतिक या सामाजिक समारोह आयोजित करने की अनुमति दे चुकी है।

इस महीने की शुरुआत में, राज्य सरकार ने कोविड-19 के चलते आठ शहरों-अहमदाबाद, वड़ोदरा, सूरत, राजकोट, गांधीनगर, जामनगर, जूनागढ़ और भावनगर में नाइट कर्फ्यू को 10 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया था।

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