हिन्दू नौजवान ने पूछा-मुसलमान तरक्की से क्यों दूर है?मौलाना ने दिया ज़बरदस्त ज़वाब

January 6, 2019 by No Comments

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों अंग्रेजों ने यह बात कही है कि भले हैं पुराने जमाने के लोगों में तमीज़ कम थी,वो पढ़े-लिखे कम थे लेकिन फिर भी अगर हम पास्ट की बात करें तो पहले के जमाने में जॉइंट फैमिली सिस्टम बहुत अच्छा था लोग एक दूसरे से मोहब्बत करते थे लेकिन जैसे जैसे हम लोग आगे बढ़ रहे हैं लोगों में तहजीब कम होती जा रही है जबकि आज के इस जमाने के लोग ज्यादा पढ़े-लिखे हैं.
अंग्रेजों ने यह भी कहा कि अगर पहले तमिज़ कम थी तो पहले के जमाने का खानदानी निजाम इतना बेहतर क्यों था आखिर पहले क्यों लोगों को कौन गाइड करता था।पहले के जमाने के लोगों को कैसे पता चलता था की ज़िना से बचना चाहिए गुनाह से बचना चाहिए उनको कैसे पता चला की मर्द के बाले होने पर उसको निकाह करने के बाद ही कोई ताल्लुक रखना है.

google


किसी औरत से कहा जाता है कि पहले के लोग जंगली हुआ करते थे तो आखिर उन जंगली लोगों को कैसे पता चला कि मर्द और औरत को जोड़ा बना के रखना चाहिए जो चीजें आज के जमाने में शाही पनीर होने के बावजूद नहीं हो पा रही हैं वह चीजें उस जमाने में ज्यादा पाई जाती थी आप किसी भी काम को ले लीजिए चाहे वह अंग्रेज हो चाहे शाइनी हो चाहे जापानी है या हिंदुस्तानी है हर काम में जुड़े बनाए जाते हैं या शादी होती है जबकि पुराने जमाने में कोई यूनिवर्सिटी नहीं होती थी यह सब सिखाने के लिये.
इन सभी बातों से यही पता चलता है कि दुनिया में जो पहला इंसान आया उसने पहले निकाह किया और उसी में निकाह को प्रमोट किया इसे आप सभी एक मिसाल के तौर पर ले सकते हैंउसके बाद पैगंबर दुनिया में आते रहे और दुनिया को बिना से बचाने के तरीके बताते रहे आ रहे हैं यह पैगंबर ही थे जिनकी वजह से सास ससुर ननंद देवर जैसे रिश्ते दुनिया में आए.

मेरे भाइयों जैसे-जैसे पैगंबर ओं की गाइडेंस खत्म हो गई और दुनिया वाले हजारों तरीके की तरीके वाली किताबें पढ़ने लगे यूनिवर्सिटी और कॉलेज जाने लगे लेकिन ऐसी तमीज हासिल नहीं कर पाए उस जमाने के लोग जैसी तमीज सिखा कर चले गए.एक हिन्दू लड़के ने कमेन्ट करके मौलाना तारिक से पूछा- हिन्दू नौजवान ने पूछा-मुसलमान तरक्की से क्यों दूर है?मौलाना ने दिया ज़बरदस्त ज़वाब.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *