एक मृत महिला को गाली देने वालों को तो देश से निकाल देना चाहिए

September 9, 2017 by No Comments

वरिष्ट पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या हो जाने के बाद जहां समझदार और अमन-पसंद लोगों ने इस घिनौने कृत की निंदा की वहीँ कुछ दक्षिणपंथी लफंगों ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर जश्न भी मनाया. सोशल मीडिया पर एक मृत व्यक्ति को लेकर भद्दी भद्दी गालियाँ देना बहुत दुखद है.

समाजसेवी और चिन्तक अब इस बात पर चिंतन कर रहे हैं कि आख़िर हमारा मुल्क किस दिशा में जा रहा है. ऐसा क्यूँ है कि पढ़े लिखे लोग भी घटिया बातें कर रहे हैं. IIT से पास हुए लड़के ने गौरी लंकेश के ऊपर भद्दा ट्वीट किया जिससे ज़ाहिर है कि डिग्री पा ली गयी है सामाजिक शिक्षा में ये ज़ीरो हैं.

सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि सोशल मीडिया पर बड़े बड़े पत्रकारों को धमकियाँ दी जा रही हैं. जिन पत्रकारों को धमकियाँ मिल रही हैं वो रवीश कुमार, सागरिका घोष, बरखा दत्त जैसे नामवर लोग हैं. और जिस प्रोफाइल से धमकियाँ दी जा रही हैं वो फ़ेक नहीं हैं असली हैं. इससे ये साबित होता है कि इन गुंडों के अन्दर अब किसी का भय नहीं है.कौन लेफ़्ट-कौन राईट, इससे क्या फ़र्क़ पड़ता है, सबकी अपनी विचारधारा है और अगर कोई शांति से अपनी बात रख रहा है तो किसी को क्या दिक्क़त.

हिंसा को जायज़ ठहराने वाले ये जो लोग हैं एक गिरोह की तरह हैं. ये अपने आप में कोई मज़बूत नहीं हैं बस एक गिरोह में हैं इसलिए अपने को सुरक्षित समझ कर दूसरे को धमका रहे हैं. और कहीं ना कहीं इन्हें सत्ता का संरक्षण भी प्राप्त है.

परन्तु इतनी नफ़रत जो ये अपने सोशल मीडिया पर फैलाते हैं वो एक दिन का परिणाम नहीं है. इनकी अपनी ख़ास क़िस्म की ट्रेनिंग है. बाक़ायदा इनका ब्रेनवाश किया जा चुका हैं और अब ये एक ऐसी स्थिति में पहुँच गए हैं जहां एक वरिष्ट महिला को मरने के बाद “कुतिया” कहा जाना जायज़ हो जाता है.ये लोग बात तो करते हैं राष्ट्रवाद की लेकिन इन्हें राष्ट्रवाद क्या है यही नहीं पता. ये लोग सिर्फ़ और सिर्फ़ इसलिए भारतीय हैं क्यूंकि इन्हें नागरिक प्रमाण पत्र मिला हुआ है वरना इनके काम के आधार पर इन्हें देश-निकाला हो जाना चाहिए.

ये बड़ी मुश्किल बात है कि समाज में अच्छी बातें सीखने सिखाने के बजाय लोग कुछ ऐसा सीख-सिखा रहे हैं जिसके बाद इस दुनिया का होना और ना होना बराबर हो जाएगा. और जिन लोगों को लगता है कि ये सिर्फ़ एक क़िस्म के पत्रकार पर हुआ है दूसरे पर नहीं होगा..तो बड़ी ग़लती है ये. अमन-शांति के लिए आगे बढ़कर काम करिए. जवाबी गालियों से बचिए और कोशिश करिए कि अपने आस पास के समाज को बेहतर बनाएं.

अरग़वान रब्बही

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