एकजुट मुस्लिम समाज UP में इतनी सीटों पर जमा सकता है धाक, महागठबंधन को..

October 28, 2018 by No Comments

लोकसभा चुनाव को लेकर हमारी विशेष सीरीज़ में हम लगातार आपको अलग-अलग समीकरण बता रहे हैं. इसी को लेकर हम इस पोस्ट में आपको बताने जा रहे हैं उत्तर प्रदेश के जातिगत समीकरण के बारे में. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं और इन सीटों के लिए मुख्य संघर्ष करने वाली राजनीतिक पार्टियाँ भाजपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, रालोद, अपना दल इत्यादि हैं. देखा जाए तो इन सभी पार्टियों के अपने अपने जातिगत वोट हैं जिनके आधार पर ये चुनाव जीत कर आती हैं और जब इन्हें वो वोट अच्छे प्रतिशत में नहीं मिलता तो हार जाती हैं.

इस पोस्ट में हम बात करने जा रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुस्लिम वोटर्स के बारे में और जानेंगे कि उनका चुनाव में क्या प्रभाव रहने वाला है. उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है. यहाँ पर कई धर्मों और जातियों की बड़ी आबादी है. मुस्लिम समाज की बात करें तो इस समुदाय की आबादी 19% के क़रीब आंकी जाती है. राजनीतिक तौर पर ये समाज काफ़ी प्रभावी है, अगर रफ़ आँकड़ा ही निकाला जाए तो मुस्लिम समुदाय प्रदेश की 16 सीटों पर अपनी पकड़ रखता है.

अखिलेश यादव- मायावती


जानकार मानते हैं कि मुस्लिम समुदाय की आबादी भले ही 19% है लेकिन चुनाव के वक़्त वोट कई पार्टियों में बँट जाते हैं, इस वजह से कई बार मुस्लिम समाज अपना प्रभाव ठीक से नहीं छोड़ पाता. ऐसा माना जाता है कि मुस्लिम समाज की सबसे पसंदीदा पार्टी समाजवादी पार्टी है जबकि दूसरे स्थान पर वो कांग्रेस और बसपा को पसंद करता है. राज्य में यादव समाज की आबादी तक़रीबन 11% है और ये समाजवादी पार्टी का कोर वोट माना जाता है, ऐसे में अगर मुस्लिम और यादव समाज के लोग मिल कर समाजवादी पार्टी को वोट करते हैं तो इसकी स्थिति मज़बूत हो जाती है और ये दोनों जातियाँ अपना प्रभाव बढ़ा पाती हैं.

मुस्लिम और दलित अगर मिलकर वोट करें तो समीकरण कुछ और हो जाते हैं. दलित समुदाय की आबादी 21 प्रतिशत है, अगर दलित मुस्लिम एकजुट होकर वोट डालें तो उनकी संभावना 35 सीटों पर मज़बूत हो जाती है. हालाँकि ये आँकड़े इसलिए प्रभावी नहीं हो पाते क्यूँकि हर एक व्यक्ति अपने हिसाब से वोट करता है और कई बार उसके इस समीकरण में जाति महत्वपूर्ण नहीं होती.माना जा रहा है कि इस बार मुस्लिम समाज महागठबंधन को वोट कर सकता है। महागठबंधन में फ़िलहाल सपा-बसपा पार्टियाँ हैं। कांग्रेस के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। महागठबंधन बनने की स्थिति में मुस्लिम वोटर्स को यादव और दलित जातियों का साथ मिलेगा और ये आँकड़ा बढ़ कर 40 सीटों तक पहुँच जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में यादव की आबादी 9 प्रतिशत और दलित आबादी 21 प्रतिशत है।

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