चुनाव से पहले भाजपा को लगा इस राज्य में झटका

October 29, 2018 by No Comments

नई दिल्ली : मिजोरम में भाजपा मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगा और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर लड़ेगा। पार्टी के एक वरिष्‍ठ नेता यह बात की। गौरतलब है कि एमएनएफ भाजपा के नेतृत्‍व वाले पूर्वोत्‍तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) का हिस्‍सा है। वही दूसरी तरफ त्रिपुरा भाजपा की महासचिव प्रतिमा भौमिक ने संकेत दिया है कि चुनाव के बाद खंडित जनादेश की स्थिति में विपक्षी एमएनएफ सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ गठजोड़ कर सकता है।

जिस पर एमएनएफ के सूचना एवं प्रचार सचिव ललथनजुआला नामते ने कहा, ‘‘त्रिपुरा भाजपा नेता के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर लोग अफवाह फैला रहे हैं और एमएनएफ की छवि खराब कर रहे हैं। ऐसे लोग कह रहे हैं कि मिजो पार्टी और भाजपा के बीच त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति के लिए सहमति बन गयी है।’’ उन्होंने कहा कि एमएनएफ अध्यक्ष जोरमथंगा ने स्पष्ट कर दिया है कि एमएनएफ चुनाव में अकेले अपने बलबूते पर उतरेगा और किसी के साथ गठजोड़ नहीं करेगी।   

अनुसूचित जनजाति मोर्चा के भाजपा राष्‍ट्रीय सचिव हाइथंग बिल लोथा ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मिजोरम विधानसभा चुनाव में भाजपा सभी 40 सीटों पर लड़ेगी। उन्‍होंने दावा कि पार्टी चुनाव जीतेगी और राज्‍य में सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए मुख्‍यमंत्री उम्‍मीदवार के नाम का एलान नहीं किया है। उन्‍होंने पार्टी के अन्‍य नेताओं के साथ मिलकर अब तक 20 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है।

दरअसल राज्य में अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस और विपक्षी एमएनएफ के बीच है. 1987 में मिजोरम को अलग राज्य का दर्जा मिलने के बाद से यहां होने वाले छह विधानसभा चुनावों में कांग्रेस व एमएनएफ के बीच सत्ता बदलती रही है. 1987 में पहला चुनाव एमएनएफ ने जीता था. लेकिन उसके बाद 1989 और 1993 के चुनाव में कांग्रेस विजयी रही थी. एक दशक के कांग्रेसी शासन के बाद प्रतिष्ठानविरोधी लहर पर सवार होकर एमएनएफ ने 1998 के चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था. उसके बाद वह दस साल तक सत्ता में रही थी. अब कांग्रेस ने भी सत्ता में 10 साल पूरे कर लिए हैं.

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