एरदोगन की मदद से फ़िलिस्तीन को मिली इजराइल के ख़िलाफ़ बड़ी कामयाबी

November 16, 2018 by No Comments

पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि इजराइल किसी संघर्ष-विराम के लिए इतनी जल्दी राज़ी हो गया है. इसके पहले इजराइल फ़िलिस्तीनी गुट के साथ किसी भी संघर्ष में आसानी से संघर्ष विराम को लेकर राज़ी न होता था. हमास और इजराइल के बीच हुए ताज़ा संघर्ष में जिस तरह से इजराइल ने संघर्ष विराम मान लिया है, ये अरबों की जीत की तरह देखा जा रहा है. फिलिस्तीनी गुट हमास ने भी इसे जीत की तरह लिया है. जानकार मानते हैं कि शायद इजराइल कूटनीति में चूक गया है और हमास ने उसे इसमें पछाड़ दिया है.

इसमें कोई दो राय नहीं कि इजराइल बहुत ताक़तवर है और हमास उसके आगे नहीं ठहरता लेकिन राकेट की संख्या से ही शायद इजराइल ये समझ गया कि अब जंग सिर्फ़ ऐसी नहीं है कि वो जब चाहे किसी भी फ़िलिस्तीनी को मार दे. ग़ौरतलब है कि इजराइल हमास को एक आतंकी संगठन मानता है. इजराइल के ऊपर लगातार ये आरोप लगते रहे हैं कि वो फ़िलिस्तीनी लोगों के पर ज़्यादती करता है. परन्तु इस बार फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध जिस तरह हुआ है इजराइल को भी सोचना पड़ रहा है. देश के रक्षा मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है और सरकार पर दबाव बन गया है.

जानकार इस बारे में भी चर्चा कर रहे हैं कि ऐसा क्यूँ हुआ. क्या हमास वाक़ई इतना ताक़तवर हो गया है या उसकी कूटनीति कामयाब है. इसका श्रेय सही मायने में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन को मिल रहा है, इसकी वजह ये है कि जब से एरदोगन सत्ता में आए हैं तब से ही उन्होंने इजराइल पर कूटनीतिक दबाव बनाया है, यही वजह है कि मिस्र जैसे देश को मध्यस्थता करानी पड़ी.

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