ट्विटर पर हर घंटे मोदी की आलोचना में 18 ट्वीट

2014 के पहले और उसके बाद सोशल मीडिया पर भाजपा ने जो पकड़ बनायी थी वो शायद अब कमज़ोर पड़ती जा रही है. अगर पिछले दो महीनों की बात करें तो ऐसा ही लगता है. भाजपा के बड़े नेता भी इस बदलाव से परेशान हो गए हैं.

अपने आप को सोशल मीडिया का महारथी मानने वाली भाजपा अब कह रही है कि सोशल मीडिया पर जो भी आये उसे तुरंत सही ना मान लें. असल में कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने भाजपा को उसके ही खेल में पीछे कर दिया है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक़ हर घंटे 18 ट्वीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना में किये जा रहे हैं, जबकि अरुण जेटली भी ज़्यादा पीछे नहीं हैं. अरुण जेटली की आलोचना में हर घंटे 11 नकारात्मक ट्वीट आते हैं जबकि अमित शाह की आलोचना में 8 नकारात्मक ट्वीट रहते हैं. दूसरी ओर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने पिछले दो महीने में 10 लाख फॉलोवर्स जोड़े हैं जो अपने आप में एक उपलब्धि है.

असल में ये सब बदलाव कांग्रेस की गुजरात सोशल मीडिया कैंपेन ने किया है. कांग्रेस ने “विकास गंडो थयो छे”(विकास पागल हो गया है) के तहत जो अभियान शुरू किया वो सोशल मीडिया पर इस तरह से ट्रेंड हुआ है कि सब हैरान हैं. कांग्रेस की साइबर सेल के हेड रोहन गुप्ता ने रिपोर्टर्स से बात करते हुए बताया कि 45 लोगों की टीम दिन रात सोशल मीडिया पर काम आकर रही है.

हालाँकि एक फ़र्क़ भाजपा और कांग्रेस की कैंपेन में ज़रूर नज़र आता है और वो है फेक और रियल का. भाजपा के समर्थन में जहाँ एक ही टेक्स्ट को अलग अलग ट्विटर और फेसबुक अकाउंट से पोस्ट किया जाता था, कांग्रेस में ऐसा नहीं है.कांग्रेस की कैंपेन ज़्यादा रियल नज़र आती है और कहीं से भी फेक नहीं लगती.

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