दबाव में आया इजराइल, गाज़ापट्टी में हुआ संघर्ष-विराम तो इजराइली सियासत में ख़लबली

November 14, 2018 by No Comments

इज़राइल और फिलीस्तीन के बीच रविवार से जारी लड़ाई फ़िलहाल रुक गयी है। ऐसा मिस्र् की मध्यस्थता के बाद हुआ। दरअस्ल हमास ने मिस्र की मध्यस्थता मे अपना रुख़ साफ़ करते हुए कहा था कि वह शांति चाहता है। इज़राइल अगर चाहे तो वह भी संघर्ष विराम के लिए राज़ी है। उल्लेखनीय है कि रविवार को ख़बर आई थी कि गाज़ा में इज़राइल एक गुप्त सैन्य अभियान चला रहा है ।जिसके बाद से ताज़ा हिंसा का दौर शुरू हुआ था। इस हिंसा में सात हमास के लड़ाके और एक इसराइली सैनिक मारे जाने की ख़बर है।

सूत्रों के अनुसार हमास के लड़ाकों ने इज़राइल पर लगभग 460 रॉकेट दागे हैं जबकि इसराइल की वायुसेना ने हमास के 160 ठिकानों पर हमले किए हैं।हालांकि इज़राईल शुरू मे इस संघर्ष विराम के लिए राज़ी नहीं था और उसकी सुरक्षा कैबिनेट ने अपनी सेना को अभियान जारी रखने के आदेश दे दिए थे। लेकिन बाद में रक्षामंत्री लीबरमैन और एक अन्य मंत्री ने कैबिनेट की और से संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया। बुधवार को दोनों और से संघर्षविराम लागू रहा। इसराइल में बुधवार को बाज़ार और स्कूल खुले रहे। इस बीच हमास की और से राकेट नहीं दागे गये।हालांकि इज़राइल मे संघर्ष विराम का विरोध भी हो रहा है। सीमा के पास रहने वाले इज़राइली समुदायों मे भारी नाराज़गी है ।

उन्होंने हमास के रॉकेट हमलों का ठोस जबाव न दिए जाने के विरोध में कई जगह प्रदर्शन भी किए हैं। इतना ही नहीं ,रक्षा मंत्री की हमास के साथ शांति समझौता करने के प्रयासों की जमकर आलोचना भी की गई। और आखिरकार उनको अपने इस फ़ैसले की क़ीमत चुकानी पड़ी। भारी दबाव के बीच उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। वहीं दूसरी और वश गज़ा में रहने वाले लोगों ने संघर्ष विराम के ऐलान के बाद जश्न मानाया है। हमास ने इसे अपनी जीत बताया है। हमास के नेता इस्माइल हानिया ने का कहना है कि उन्होंने इसराइली हमलों से अपने लोगों की सुरक्षा करने मे कामयाबी हासिल की है।

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