क्या गिरिराज सिंह राजनीति छोड़ने को मजबूर हैं?, तेजस्वी ने दिया बड़ा बयान….

November 1, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच गिरिराज सिंह ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “वह राम मंदिर व जनसंख्या कानून के लिए राजनीति भी छोड़ सकते हैं”. केंद्रीय मंत्री ने राम मंदिर विवाद और हिंदुओं की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि नेहरू के स्थान पर पटेल प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर समेत अन्य समस्याएं देश के सामने नहीं होती। दरअसल गिरिराज सिंह का यह बयान कोई नया नही है वह अक्सर इस तरह की सम्प्रदाय को भड़काने वाले बयान देते रहते है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले भाजपा नेता ने बयान दिया था कि अब राम मंदिर मामले को लेकर हिंदुओं का सब्र टूट रहा है, मुझे भय की हंदुओं का सब्र टूटा तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर ही बनेगा। गिरिराज सिंह के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने उन पर निशाना साधा है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने गिरिराज सिंह पर हम-ला बोलते हुए कहा कि किसी का सब्र नहीं टूटा है. आप हमसे बड़े हिंदू नहीं हैं. ठेकेदार मत बनिये. तेजस्वी ने कहा कि आपको चुनाव का डर है. ये मगरमच्छी रोना रोने से फ़ुर्सत मिले तो युवाओं की नौकरी, विकास और जनता की सेवा की बात करिए.

वहीं सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि, दिसंबर तक फैसला आ जाना चाहिए। अगर अब फैसला आने में देर हुआ तो कुछ करना होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर सुनवाई को जनवरी तक टाल दिया है। अब जनवरी में सुुनवाई की तारीख तय की जाएगी। कोर्ट आज अयोध्या की राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि को तीन भागों में बांटने वाले 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल एवं न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ इस मामले में दायर अपीलों पर सुनवाई की। 

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