मिज़ोरम सैनिक स्कूल में 57 साल बाद हुई लड़कियों की एंट्री

November 4, 2018 by No Comments

मिजोरम: सैनिक स्कूल हमेशा से लड़कों के पढ़ाई के लिए सुविधा प्रदान करता है ।यहां हमेशा एक एंट्रेंस एग्जाम होता है ।जिसके तहत सिलेक्शन होते हैं जिसमें केवल लड़के ही भाग लेते हैं ,और उन्हीं का इलेक्शन के बाद इंटरव्यू होता है। परंतु इस परंपरा को तोड़ते हुए मिजोरम के संक्षेप स्टेट सैनिक स्कूल मुझे लड़कियों का एडमिशन हुआ इतिहास से कम नहीं। ईसी के साथ मिजोरम देश का पहला स्कूल बन चुका है ।जिसने सैनिक,पायलट इतिहास बनने का रास्ता लड़कियों के लिए भी खोल दिया है।आपको बता दें कि नेशनल डिफेंस के सही 28 सैनिक स्कूल है और मिजोरम का सैनिक स्कूल देश के सबसे नए सैनिक स्कूल में से एक है।यहां क्लास सिक्स मे 6 लड़कियों को नया एडमिशन दिया गया है।बता दें कि लड़कियों के साथ 154 लड़कों ने भी एडमिशन लिया।

आपको यह जानकारी दे कि देश का पहला सैनिक स्कूल 1961 में महाराष्ट्र में खुला ।उसके बाद हरियाणा केक कुंजपुरा पंजाब के कपूरथला गुजरात के बाला चंडी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में खोले गए ।मिजोरम के सैनिक स्कूल में लड़कियों के ऐडमिशन के यहां पहल सैनिक स्कूल के खोले जाने के 57 साल बाद हुई है। इनके भी एडमिशन की प्रक्रिया ठीक उसी प्रकार हुई जिस प्रकार लड़कों के एडमिशन की प्रक्रिया होती है। लड़कियों ने लड़कों के साथ एंट्रेंस एग्जाम परीक्षा दी। एंट्रेंस एग्जाम परीक्षा देने में लड़कियों की कुल संख्या 31 थी ,जैसे हर बार सैनिक स्कूल के एंट्रेंस की परीक्षा होती है ठीक उसी प्रकार एंट्रेंस की परीक्षा हुई।

इसमें मैथमेटिक्स,जनरल नॉलेज लैंग्वेज और इंटेलिजेंस के क्वेश्चंस पूछे ।इस लिखित परीक्षा में कुल 21 लड़कियों ने पास किया और फिर इनका इंटरव्यू हुआ। दूसरे राउण्ड जिनमें 6 लड़कियां सेलेक्ट हुई और इन्हीं से लड़कियों को सैनिक स्कूल में दाखिला मिला। इनके लिए वहां अच्छी व्यवस्था है, एक अलग हॉस्टल है और एक कमेटी बनाई गई है ।जिसमें 4 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि,हमारे लिए यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि हमारे स्कूल आया था कि स्कूल में केवल 2 गए थे।कक्षा 6 में 60 छात्र, कक्षा 7 में 100 छात्र सोच कर देख 154 लड़कों के बीच से लड़कियों की जिम्मेदारी कितनी बार जाती है।

कर्नल ने अपने स्कूल में लड़कियों की सुविधाओं की जिम्मेदारी का विवरण देते हुए बताया कि स्कूल के 212 एकड़ परिसर में 5 भवन है। जिसमें से सबसे छोटा भवन लड़कियों का है ।उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि, लड़कियां यहां घर जैसा ही महसूस करें और जल्द ही वहां सीसीटीवी कैमरे की भी व्यवस्था की जाएगी इन 6 लड़कियों में छम में से एक इजोल से 4 और चकमा मिजोरम से एक लड़की है सभी लड़कियों का एडमिशन 4 जून को हो चुका है।लड़कियां सुबह 5:30 बजे उठ जाती हैं।पीटी ड्रिल की तैयारी में जाती है ।जिसके बाद नाश्ता फिर कक्षा में जाती है, फिर उसके बाद गेम फिर एक्सरसाइज रात के खाने के साथ शाम 7:00 बजे दिन खत्म हो जाता है। आपको बता दें कि सैनिक की स्कूल की पढ़ाई का कोर्स सीबीएसई पैटर्न पर आधारित है। इस तरह लड़कियां यहां सब्जेक्ट के रूप में मैथमेटिक्स इंग्लिश हिंदी सोशल स्टडी साइंस और कंप्यूटर साइंस भर्ती इसके बाद वहां तीसरी भाषा ऑप्शनल है ।विजया संस्कृत में से कोई एक पड़ सकती है ।अभी हाल ही में लड़कियों का लड़कों के साथ जॉइंट पक्ष के टूर्नामेंट है जिसमें उन्होंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया ।

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