तेज़ बारिश में भीगते हुए, मस्जिद-अल-हरम में पढ़ी नमाज़

September 29, 2018 by No Comments

इंसान कितनी भी तरक़्क़ी क्यों न कर ले पर वह क़ुदरत का मुक़ाबला नहीं कर सकता । कुदरत के कानून के आगे इंसान के कानून बे मानी है। मौसम वैज्ञानिक मौसम की भविष्यवाणी तो कर सकते हैं लेकिन कितनी सटीक होगी ,कुछ नहीं कहा जा सकता । और न बदलते मोसम से होने वाली तबाही को रोक सकता है। ऐसा ही कुछ गुरुवार को सऊदी अरब मे देखने को मिला । गुरुवार को तेज़ बारिश और तूफान ने सऊदी अरब के मक्का शरीफ में भयंकर तबाही मचाई।

जिससे इस पवित्र शहर की सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए । सोशल मीडिया पे ख़राब मोसम की जो तस्वीरे डाली गई हैं उसमें साफ़ साफ देखा जा सकता है कि मक्का शहर मे पानी भरा हुआ है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस हफ्ते की शुरुआत में ही सऊदी अरब के पर्यावरण विशेषज्ञों ने के राज्य के असमान्य और अस्थिर मौसम की स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी। यह चेतावनी सही साबित हुई ।

इस चेतावनी के बाद मक्का में ऐसी भारी बारिश , तेज़ तूफ़ान और बिजली चमकती हुई देखी गयी ,जो इससे पहले शायद कभी नहीं देखी गयी थी। अगर सऊदी अरब के अधिकारियों की मानें तो अगले कुछ दिनों मे अभी तेज़ तूफ़ान के साथ और बारिश हो सकती है यानी अभी और तबाही की अनुमान लगाये जा सकते हैं। लेकिन जो सच्चे मुसलमान होते हैं वह कभी ख़ुदा की याद से ग़ाफ़िल नही होते हैं और पाँचों वक्त की नमाज़ पाबंदी के साथ पढ़ते हैं।

यही वजह है कि ऐसे हालात में भी लोगों ने इबादत करनी नहीं छोड़ी ।इस तेज़ बारिश और तूफ़ान के चलते बारिश में भीगते हुए हरम शरीफ पहुंचे और पहुंच कर नमाज़ें अदा कीं। उल्लेखनीय है कि मक्का शहर मुसलमानों का तीर्थ स्थल है । हर साल यहाँ हज के महीने मैं सारी दुनिया के मुसलमान हज करने के लिये आते हैं। इसके अलावा साल भर उमरा करने वाले मुसलमानों की तादाद भी कम नहीं है।

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