गुजरात चुनाव से पहले भाजपा के सिर का दर्द बनी कांग्रेस की सोशल मीडिया कैंपेन

गांधीनगर: गुजरात चुनावों के लिए दोनों मुख्य पार्टियों ने कमर कस ली है. जहां पिछले कई चुनाव में हार का मूंह देख रही कांग्रेस इस कोशिश में है कि इस बार तस्वीर बदले वहीँ भाजपा भी कांग्रेस की वापसी रोकने की कोशिश में है. इसी सिलसिले में कांग्रेस ने सोशल मीडिया के सहारे भाजपा को घेरने की कोशिश की है.

भाजपा के नेता भी ये स्वीकार कर रहे हैं कि जिस सोशल मीडिया ने भाजपा को कई चुनाव जिताए हैं वही इस बार उलटी दिशा में है. गुजरात में विकास के बड़े बड़े दावे करने वाली भाजपा के विकास का मज़ाक़ उड़ाते हुए कान्ग्रेस ने “विकास गांडो थयो छे” लांच किया है.इस स्लोगन का अर्थ है “विकास पागल हो गया है”. ये स्लोगन, हैशटैग इस क़दर कामयाब हो गया है की भाजपा के शीर्ष नेता भी अब कहने लगे हैं की whatsapp मेसेज का भरोसा ना करें. इसके बावजूद भी ये वायरल होता जा रहा है.

कांग्रेस ने इस बार सिर्फ़ सोशल मीडिया के लिए 45 लोगों की टीम बनायी है जो दिन रात इस काम में लगी है कि किस तरह भाजपा को सोशल मीडिया पर पटखनी दें. सूत्रों के मुताबिक़ भाजपा के कुछ नेता ये मान रहे हैं कि सोशल मीडिया की पहली लड़ाई कांग्रेस ने जीत ली है. भाजपा की सोशल मीडिया टीम अब इस इन्तिज़ार में बैठी है कि इस स्लोगन का असर ख़त्म हो तब वो अपनी अगली रणनीति को लायें. मगर ऐसा लग नहीं रहा कि ये जल्द होने वाला है क्यूंकि अब ये नारा आम लोगों की ज़बान पर है.

गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. गुजरात विधानसभा में 182 सीटें हैं. 2012 में हुए चुनाव में भाजपा ने 116 सीटें जीती थीं जबकि 60 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं. इस साल हुए राज्यसभा चुनाव में गुजरात से अहमद पटेल का जीत जाना कांग्रेस के लिए बड़ी जीत के तौर पर देखा गया. साख की इस लड़ाई में पटेल ने भाजपा उमीदवार को क़रीबी मुक़ाबले में पटखनी दी.

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