गुजरात चुनाव: जो मुश्किल घड़ी में साथ रहे, कांग्रेस उन्हें देगी टिकट..

गांधीनगर: गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस काफी सक्रिय है। चुनाव प्रचार के चलते कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी लगातार राज्य के दौरे पर जा रहे हैं और रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। कांग्रेस विधानसभा चुनाव के चलते पार्टी के फैसला लिया है कि वह अपने अपने मौजूदा सभी 43 विधायकों को दोबारा टिकट देगी। दरअसल अगस्त में राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला पार्टी के खिलाफ जाकर बीजेपी में शामिल हो गए थे। वहीँ कांग्रेस नेता अहमद पटेल राज्यसभा चुनाव में बहुत ही कम अंतर से बीजेपी उम्मीदवार को हरा पाए थे।
खबर के मुताबिक, कांग्रेस के इस कदम के पीछे उन विधायकों की वफादारी एक बड़ा कारण है। जिन्होंने उस वक़्त भी कांग्रेस का हाथ थामे रखा। जब पार्टी के अन्य विधायक पार्टी से इस्तीफा दे रहे थे।

कांग्रेस द्वारा पार्टी विधायकों को इसके लिए इनाम दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि ये हमारे मजबूत विधायक हैं जो भारी प्रलोभन के सामने भी नहीं झुके। उन्हें कांग्रेस को छोड़ने के लिए किसी भी तरह का लालच लुभा नहीं पाया। बीजेपी ने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की बहुत सारी कोशिशें की। लेकिन आज भी उन विधायकों का पार्टी के प्रति वफादारी कायम है। इससे कांग्रेस यह संदेश भी देना चाहती है कि पार्टी, विरोधियों द्वारा तोड़ने की कोशिश किए जाने के बावजूद एकजुट रहने वाले सदस्यों के साथ खड़ी है।

दरअसल असम और उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने बड़ी हार का सामना किया। जिसके पीछे एक बड़ी वजह उसके वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ कर अन्य दलों में शामिल हो जाना भी था। आपको बता दें की शंकर सिंह वाघेला ने अपनी एक पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में आने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि वह अपनी पार्टी बना कर ‘सेकुलर’ कैंप को नुकसान पहुंचा सकते है।

वाघेला के ज्यादातर समर्थक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। इनका सीधा मकसद कांग्रेस वोटों को बांटना होगा, जिसका सीधे तौर पर फायदा बीजेपी को होगा। गौरतलब है कि साल 2012 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस ने 57 और बीजेपी ने 119 सीटों पर कब्जा किया था। इस वक़्त कांग्रेस के पास 43 विधायक बचे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने 80 नाम फाइनल कर लिए हैं और बाकी पर विमर्श जारी है। पार्टी के इन उम्मीदवारों को प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

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