गुरदासपुर उपचुनाव: “मज़बूत” कांग्रेस के ख़िलाफ़ उतरे भाजपा के सभी दिग्गज

गुरदासपुर/चंडीगढ़: गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और आप पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतर रही हैं. 12 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस की ओर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ मैदान में हैं जबकि भाजपा की ओर से स्वर्ण सलारिया हैं. आम आदमी पार्टी की ओर से मेजोर जनरल (सेवानिवृत्त) सुरेश खजुरिया दोनों उमीदवारों को टक्कर देने की कोशिश करेंगे.

हालाँकि ज़मीनी हक़ीक़त की बात करें तो ये कांग्रेस का पुराना गढ़ है और पार्टी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है. दूसरी ओर भाजपा को इस बात की ख़बर है कि ये चुनाव जीतना उनके लिए आसान नहीं होगा. इसलिए उन्होंने देश के बड़े भाजपा नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारने का फ़ैसला किया है. कांग्रेस ने हालाँकि राज्य के ही नेताओं को स्टार-प्रचारकों में शामिल किया है. भाजपा की ओर से प्रचार करने अमित शाह, अरुण जेटली ,राजनाथ सिंह,स्मृति ईरानी,नितिन गडकरी, हेमा मालिनी, सुषमा स्वराज और अन्य नेता आयेंगे. देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड़कर पूरी भाजपा शामिल रहेगी. वहीँ दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड, अम्बिका सोनी, नवजोत सिंह सिद्धू, प्रताप बाजवा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विजय इंदर सिंगला और अन्य दूसरे राज्य के बड़े नेता शामिल रहेंगे.

भाजपा में अंदरूनी फूट होने की वजह से भी गुरदासपुर उपचुनाव कांग्रेस के लिए आसान माना जा रहा है. पूर्व विधायक अश्विनी कुमार, पूर्व मंत्री मोहन लाल, और सतीश महाजन के अपने अपने गुट हैं. पार्टी के उमीदवार स्वर्ण सलारिया को उनकी पार्टी के ही कुछ नेता पसंद नहीं करते.

आम आदमी पार्टी की अगर बात करें तो अब ऐसा लगता है कि इस पार्टी का ग्राफ़ पंजाब में नीचे जा रहा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में पंजाब से आम आदमी पार्टी के चार लोकसभा सांसद चुने गए थे लेकिन अब पार्टी कुछ ढलान पर है. दूसरी ओर सुरेश खजुरिया को लेकर आम आदमी पार्टी में भी अन्दर अन्दर कुछ नाराज़गी है.

ये सीट भाजपा सांसद विनोद खन्ना के निधन की वजह से ख़ाली हुई है. 2014 के लोकसभा चुनाव में विनोद खन्ना ने कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ओ 1,36,065 वोटों से हराया था.

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