गुरमेहर कौर और शेहला राशिद: स्पष्ट, निष्पक्ष, आत्मविश्वास से भरी दो प्रभावशाली युवा महिलाएं

January 1, 2018 by No Comments

शहला राशिद, दिल्ली के जेएनयू में एम् फिल की छात्रा हैं और साल 2015-16 तक जेएनयूएसयू के उपाध्यक्ष के तौर पर कार्यरत रह चुकी हैं। वह अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) के सदस्य और सीपीआई (एम्) की युवा नेत्री हैं।
शेहला ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, श्रीनगर से कंप्यूटर इंजीनियरिंग और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर में राजनीतिक नेतृत्व में दस हफ्ते के एक सर्टिफिकेट प्रोग्राम में हिस्सा लिया।

इसके बाद एचसीएल टेक्नोलॉजीज में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया लेकिन जल्द ही इससे उनका मोहभंग हुआ।
शेहला ने कश्मीर में महिलाओं के खिलाफ एसिड हमलों के खिलाफ और किशोर न्याय के मुद्दे उठाए। शेहला बताती हैं कि वह भारत की बहुत ही हिंसक छवि” देखते हुए बड़ी हुई हैं, लेकिन जेएनयू ने अपने लोकतांत्रिक स्थान दिया।

शेहला राशिद वास्तव में एक ‘क्रांतिकारी’ हैं और वह मुस्लिम अल्पसंख्यकों और भारत की धर्मनिरपेक्षता को खतरा पहुंचाने के खिलाफ उठती आवाज़ को चुप कराने के लिए बोलती हैं। शेहला सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। शेहला को स्टूडेंट पॉलिटिक्स में एक स्पष्ट और निष्पक्ष दृष्टि के साथ ईमानदार नेता के तौर पर देखा जाता है। शेहला जब भी किसी मामले पर अपना पक्ष आत्मविश्वास, स्पष्ट और मुखर, होकर रखती हैं। वह स्टूडेंट पॉलिटिक्स में एक प्रभावशाली नेता के तौर पर जानी जाती हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी  के श्री राम कॉलेज फार वूमेन से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई कर रही गुरमेहर हाल ही में रामजस कॉलेज की घटना के दौरान एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट चर्चा में आई थीं। गुरमेहर कौर पोस्ट कार्ड्स फोर पीस संस्थान की एंबेसडर भी हैं, जो देश में भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाती है। गुरमेहर पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई वहीँ से की है। गुरमेहर के पिता शहीद मनदीप सिंह हैरी सेना में कार्यरत थे।

इस घटना के बाद गुरमेहर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में अपलोड कर अभियान चलाया था। जिसके बाद सोशल मीडिया के साथ पूरे देश में अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को लेकर राष्ट्रीय बहस भी छिड़ गई। लेकिन उस दौरान भी गुरमेहर ने अपनी आवाज़ को बुलंद रखा। उस दौरान गुरमेहर के समर्थन में काफी सोशल एक्टिविस्ट्स भी उतरे। #IStandWithGurmeharKaur नाम से हैशटैग भी ट्रेंड हुआ।

गुरमेहर फ्रीडम ऑफ़ स्पीच को लेकर कई बार अपनी आवाज उठाती रही। उन्हें काफी बार फ्री स्पीच के प्रोग्राम्स में भी देखा गया है।
हाल ही में गुरमेहर को टेड टॉक नई सोच शो में स्पीच देने के लिए भी आमंत्रित किया गया। इसके साथ गुरमेहर को हाल ही में टाइम मैगजीन ने नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स फॉर 2017 की लिस्ट और ‘फ्री स्पीच वॉरियर्स’ के लिए जारी लिस्ट में टॉप टेन में जगह दी गई है।
गुरमेहर ग्रेजुएशन के बाद लॉ की पढ़ाई करना चाहती हैं। इसके साथ वह अपने जीवन की यादों पर एक किताब भी लिख रही है। जिसे उन्होंने ‘मूवमेंट ऑफ फ्रीडम’ का नाम दिया है और जल्द ही इसे पूरा करेंगी।

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