अदालत से आज़ादी मिलने के बाद भी नहीं हैं हादिया आज़ाद; जानिये वजह..

केरल की हादिया को अदालत ने तो राहत दी लेकिन अभी भी उन्हें पूरी तरह से आज़ादी नहीं मिली है. हादिया ने इस बारे में बयान दिया है कि वो जिन लोगों से मिलना चाहती हैं उनसे उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा है जो कि उनके बेसिक अधिकारों का हनन है. उन्होंने कहा कि हर भारतीय नाग्ग्रिक को जो अधिकार मिले हैं मैं वही अधिकार मांग रही हूँ.. इसका राजनीति या जाति से कोई लेना देना नहीं है.. मैं जो चाहती हूँ वो ये है कि मैं जिससे बात करना चाहती हूँ, मुझे बात करने दी जाए.

उन्होंने कहा कि मैंने अदालत से आज़ादी माँगी थी, मैं अपने पति से मिलना चाहती थी लेकिन सच तो ये है कि मैं अभी भी आज़ाद नहीं हूँ और यही सच है. हादिया को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए उनके परिवार की क़ैद से उन्हें आज़ाद कराया था और उनकी पढ़ाई मुक़म्मल हो जाए इसके लिए उनके कॉलेज को आदेश दिया था कि उनका दाख़िला लिया जाए और हॉस्टल की सुविधा दी जाए. कॉलेज ने हादिया का दाख़िला तो ले लिया है लेकिन कॉलेज प्रशासन उन्हें उनके माँ-बाप के इलावा किसी से मिलने की इजाज़त नहीं दे रहा है.

24 साल की हादिया पहले हिन्दू थीं लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया जिसके बाद उनके आस पास के समाज में उन्हें काफ़ी दिक्क़तों का सामना करना पड़ा. इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने शाफ़िन नामक मुस्लिम युवक से शादी कर ली. दक्षिणपंथी संघठनों ने इसे “लव-जिहाद” का नाम दिया और इस पर लगातार राजनीतिक रोटियाँ सेंकने की कोशिश की.

Leave a Reply

Your email address will not be published.