हमें तो पता ही नहीं चला हम राफ़ेल डील से कब अलग कर दिए गए: HAL चेयरमैन

November 3, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: राफेल डील पर मचे घमासान के बीच हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन आर. माधवन ने एक चौंकाने वाली बात कह दी है। सरकार की एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को खबर नहीं थी कि पिछले राफेल सौदे को बीजेपी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार रद्द कर चुकी है और नया राफेल सौदा किया गया. कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. एचएएल के चेयरमैन आर. माधवन ने आईएएनएस को बताया, ‘हमें पिछले सौदे को रद्द किए जाने की जानकारी नहीं थी. हम राफेल पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि हम अब इस सौदे का हिस्सा नहीं है.’

बता दे कि फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों के दाम और दैसॉ रिलायंस एविएशन को ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट मिलने के मुद्दे पर मोदी सरकार और कांग्रेस के बीच तकरार चल रही है। फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने की भारत की डील पर आरोप-प्रत्यारोप जड़े जा रहे हैं। कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष इस सौदे की वित्तीय शर्तों पर लगातार सवाल उठा रहा है। उसने क्रोनी कैपिटलिज्म यानी सांठगांठ वाले पूंजीवादी खेल का भी आरोप लगाया है। वहीं सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज कर रही है। इस मामले में अब भी कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब कोई नहीं दे रहा है। जबकि यूपीए के समय होने वाली डील में HAL भी शामिल थी।

अब एचएएल ने कहा है कि उन्हें पता ही नहीं था कि पिछले राफेल सौदे को भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार रद्द कर चुकी है और नए सिरे से राफेल के लिए दसॉल्ट एविएशन से सौदा किया गया है।उधर विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार फ्रांस में बनाए गए विमानों के लिए ज्यादा कीमत चुकाने पर राजी हो गई, जबकि इस डील पर पिछली सरकार ने मोलतोल कर कीमत कम रखवाई थी। विपक्ष का आरोप यह भी है कि सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को दरकिनार कर अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को अहम वित्तीय लाभ दिया जा रहा है। एनडीए सरकार ने अप्रैल 2015 में घोषणा की थी कि 36 राफेल फाइटर जेट्स को ऑफ द शेल्फ खरीदा जाएगा। 

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