हार्दिक पटेल ने कहा- दादागिरी के साथ करता हूँ मोदी का विरोध, पढ़ें इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में हार्दिक का पक्ष

March 13, 2018 by No Comments

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन के एक सेशन ‘द यंग तुर्क्स: द फ्यूचर ऑफ आइडेंटिटी पॉलिटिक्स’ में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हार्दिक पटेल, JNU के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, JNU की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद, BJYM के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज रोहित चहल और लेखिका और कलुमनिस्ट शुभ्रस्था शामिल हुए। इस दौरान इनके बीच जबरदस्त बहस हुई। इस बहस का मुद्दा था, आइडेंटिटी पॉलिटिक्स।

इस प्रोग्राम में हार्दिक पटेल से पूछा गया कि आप जातिवाद राजनीति करते हैं, युवाओं के लिए शिक्षा और रोज़गार मांगने के लिए आपके कैंपेन में पाटीदार होने के नाम पर आपने राजनीति की। आपकी राजनीति इतनी जातिवादी क्यों है। जिसका जवाब देते हुए हार्दिक ने कहा कि हम किसी का विरोध नहीं करते, लेकिन अगर सरकार से रोज़गार और शिक्षा मांगना किसी को जातिवाद लगता है तो वो मेरी समझ से परे हैं। गुजरात और पूरे देश में देखा है की शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है, युवाओं को रोज़गार मिल नहीं रहा और किसान जो सारा दिन इतनी मेहनत करता है, उसे भी सही दाम नहीं मिल रहा।
हमने अपने कैंपेन में हमेशा युवाओं को रोज़गार देने, किसानों की अधिकारों की बात और बेहतर शिक्षा की बात कही है। मैं मानता हूँ की जब हम किसी समुदाय के लड़ते हैं तो किसी को वो पसंद नहीं आ सकता या फिर ये भी लग सकता है ये पाटीदार अलग है और किसी का विरोध कर रहे हैं। हमने गुजरात में आजतक एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय का विरोध नहीं किया है। हार्दिक ने कहा की गुजरात में जब हमें कुछ अच्छा करने का मौक़ा मिला तो हमने सभी समुदाय के लोगों की अधिकारों और उनके लिए कुछ करने का सोचा।
ये देश आज ऐसी स्थिति में है यहाँ कोई रोज़गार न मिलने पर आत्महत्या कर रहा है। क़ानून होने के बावजूद प्राइवेट स्कूलों में अपनी मन-मर्जी से लाखों में फीसें वसूली जा रही है। हार्दिक ने कहा- सब हमसे कहते हैं, एक समृद्ध जाति से आने के बावजूद आरक्षण मांग रहे हो। हमसे किसी ने ये नहीं पूछा हमारे आरक्षण की मांग के पीछे क्या मकसद है। हम ऐसा क्यों कर रहे हैं। क्या वजह है ? सब कहते हैं आपके पास अच्छी धन-दौलत होने के बाद भी ऐसे कर रहे हो। उन्होंने कहा की हमसे किसी ने ये नहीं पूछा की जब आपके बच्चे पढ़-लिख जाते हैं तो उनके लिए रोज़गार है ?
अच्छी बात है कि अगर कोई नहीं पूछता, लेकिन हम इस मुद्दे को उठाएंगे। अगर कोई इससे जातिवादी राजनीति कहता है तो ठीक है। हमें ये पसंद है। इसके बाद जब बीजेपी समर्थक लेखिका शुभ्रस्था ने पूछा की आपका कैंपेन मोदी विरोधी और बीजेपी विरोधी है, ऐसा क्यों है। आप कहते हैं मुझे कम्युनिस्टों के साथ मत जोड़ो, लेकिन आप सब में एंटी-मोदी और एंटी बीजेपी राजनीति करते हैं। इसपर हार्दिक ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि मैं मोदी का विरोध करता हूँ, और पूरी दादागिरी के साथ खुले तौर पर करता हूँ।

हार्दिक ने कहा की हिन्दू- मुस्लिम की बात हो रही है, कोई कह रहा है हिन्दू खतरे में है कोई कह रहा है मुसलमान खतरे हैं, मुझे कहा जाता है मैं मोदी विरोधी हूँ, लेकिन किसी ने पुछा है ऐसा क्यों है ? हार्दिक ने बताया बीजेपी की हमेशा धर्म के नाम पर दोगली राजनीति करती आई है। गुजरात के अंदर मासूम लोगों को मारा गया।

लोगों पर गलत ढंग से राष्ट्रद्रोह के केस डाले गए। हार्दिक ने बताया की जब मोदी पीएम पद के उम्मीदवार के लिए खड़े हुए तो हमने भी उन्हें वोट दिया था की वह सत्ता में जाकर बदलाव करेंगे, युवाओं को रोज़गार मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे तो वो धार्मिक सद्भावना की बात करते थे, लेकिन आडवाणी हिंदुत्व का एजेंडा उठाते थे। जब अटल जी चले गए तो अडवाणी जी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता की बात कहनी शुरू कर दी। तब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब कहते थे की मैं हिन्दू हूँ, हिन्दू राष्ट्र की बात होती थी। हिन्दू राष्ट्र का एजेंडा उठाया जाता था।
जब प्रधानमंत्री बनने गए तो बोले की मैं पिछड़ा हूँ। जब प्रधानमंत्री बन गए तो बात करते हैं हिन्दू-मुस्लिम एकता की। अब उत्तर प्रदेश मुख्यंमंत्री हिंदुत्व और हिन्दू राष्ट्र की बात करते हैं, मुस्लिम विरोधी हैं। कहते हैं मैं ईद नहीं मनाता। हार्दिक ने कहा- अगर अच्छी राजनीति करनी है तो आप ये कहिये की मैं ईद नहीं मनाता लेकिन उसे मनाने वालों को पूरा सहयोग देता हूँ। ऐसा होगा तभी देश में अच्छी राजनीति होगी। हार्दिक ने कहा- बीजेपी डबल गेम खेलती हैं।

इस दौरान बजीं कार्यकर्ता रोहित चहल ने मुद्दे को दूसरी तरफ मोड़ते हुए हार्दिक की बहन की शादी पर 10 करोड़ रूपये खर्च करने का मुद्दा उठाया, उनपर भ्रष्टाचार और कांग्रेस से पैसे लेकर उनके आंदोलन को बेचने की बात कही। उन्होंने हार्दिक से पूछा तीन साल पहले जब आपके अकाउंट में कुछ नहीं था तो अब आपने इतने पैसे बहन की शादी में कैसे लगा दिए। जिसका जवाब देते हुए हार्दिक ने कहा- बीजेपी के पास सीबीआई है, इनकम टैक्स हैं, ईडी हैं, आप करवाई कर लीजिये, पता लगा लीजिये।

राहुल गाँधी से चुप कर मिलने पर हार्दिक ने कहा- अगर मैं उनसे मिला होता तो बीजेपी 99 सीटें नहीं 79 पर होती। बीजेपी समर्थक शुभ्रास्था ने जब हार्दिक की चुनौती दी की हम आपको सत्ता में आने ही नहीं देंगे तो जवाब देते हुए कहा- किसी के बाप का राज़ नहीं है यहाँ। बीजेपी अगर सत्ता में हैं तो उसकी जिम्मेदारी है की लोगों के लिए काम करे। अगर वह नहीं करते तो हमारी जिम्मेदारी की हम उनके विरोध में लड़ें और आंदोलन करें। हमें भरोसा नहीं की वह हमारे लिए कुछ करेंगे, लेकिन इतना भरोसा है की वह हमें जेल में डाल सकते हैं।

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