गोधरा में हार्दिक ने की मुसलमानों से मुलाक़ात, मोदी को बताया “महाचोर”

गांधीनगर: गुजरात में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों ने वोट बैंक हासिल करने के लिए राजनीति तेज हो चुकी है। सियासी गलियारों में चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की जहाँ कांग्रेस में शामिल होने पर अभी अटकलें लग रही है। वहीँ पाटीटार आंदोलन समिति के दो बड़े नेताओं रेशमा पटेल और वरुण पटेल के बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। इस बारे में जब हार्दिक से पुछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसे लोग मुद्दों की राजनीति करते हैँ।  लोग आते-जाते रहेंगे मगर लड़ाई चलती रहेगी।
वहीँ हार्दिक पटेल ने संकेत दिए हैं कि किसी भी पार्टी के साथ न जुड़कर अपने समुदाय के लिए काम करना चाहते हैं। हार्दिक पटेल ने आज से दस दिन की यात्रा शुरू की है। उनकी पहले चरण की यह यात्रा 6 जिलों से होकर गुजरेगी। इस मामले में हार्दिक ने आज ट्विटर पर भी ये जानकारी दी थी कि अगर वे गलत होंगे तो जनता नहीं आयेगी और सही होंगे तो जनता आयेगी। इसी यात्रा के क्रम में हार्दिक पटेल आज बड़ौदा के वागहोडिया तालुका में पहुंचे जहां उन्होंने मधेली गांव के किसानों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि ‘मैं अपने समुदाय के हक के लिए लड़ रहा हूं। हम अपनी तीन मुख्‍य मांगों- ‘आरक्षण’, ‘युवाओं को रोजगार’ और ‘गुजरात के किसानों को कर्ज माफी’ पर कायम रहेंगे। जो भी पार्टी इससे सहमत होगी, हमे उनका साथ देने में कोई आपत्ति नहीं होगी।
वहीँ गोधरा में पहुंच उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात की। वहां हार्दिक ने कहा कि बीजेपी देश में बांटो और राज करो की नीति पर काम कर रही है। वे मुस्लिम समुदाय को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें अपने अधिकारों के लिए और देश में बेहतर सरकार लाने के लिए मिलकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

हार्दिक की इस मुलाकात के बाद कई कयास लगाए जाने लगे, इस पर हार्दिक पटेल का कहना है कि वो किसी राजनीतिक पार्टी में नहीं जा रहे हैं। इस दौरान हार्दिक ने राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी पर जमकर प्रहार किया।
पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए हार्दिक ने कहा, ”मैं अपने पिता को याद दिलाता रहता हूं कि मेरे खाते को चेक करते रहा करें। उसमें 15 लाख रुपये जमा हुए या नहीं। मगर पैसे हमारे खातों में नहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के खाते में जा रहे हैं।

 

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