हार्दिक का शराबबंदी पर तंज: शराब के ठेकों में भाजपाईओं का हिस्सा हैं, फिर भी गुजरात मॉडल ज़िंदाबाद

February 28, 2018 by No Comments

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रहराज्य गुजरात में शराबबंदी है। यहाँ शराबबंदी का कानून लंबे समय से लागू है, दावा किया जाता है कि प्रदेश में शराब की बोतल तो क्या एक बूंद मिलना भी नामुमकिन है। लेकिन गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने इस सन्दर्भ में सोशल मीडिया साइट के जरिये गुजरात सरकार पर हमला बोला है।

हार्दिक का आरोप है कि गुजरात में शराबबंदी सिर्फ कागज़ों में ही की गई है। लेकिन असल में सच्चाई कुछ और है। बीजेपी शराबबंदी करने का ढोंग रच रही है। गुजरात में मौजूद शराब के ठेकों में बीजेपी के नेताओं की भागीदारी है और शराबबंदी के बावजूद गुजरात में शराब धड़ल्ले से बिकती है। पीएम मोदी का गुजरात मॉडल अंदर से बिलकुल खोखला है।
हार्दिक ने ट्वीट कर कहा है कि गांधी के गुजरात में पिछले दो साल में 200 करोड़ की देशी-विदेशी शराब पकड़ी गई हैं। शराब पाबंदी का क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ पर हैं। सभी शराब के ठेके में भाजपाई का हिस्सा हैं। फिर भी गुजरात मॉडल ज़िंदाबाद।

विसनगर ( महेसाना ) कोर्ट में तीन साल पुराने केस में हाजरी दी। विसनगर के भाजपा विधायक को साक्षी के तौर पर रखा,ताकि कोर्ट में तारीख़ पे तारीख़ हो सके और मेरी महेसाना ज़िल्ले की प्रवेश पाबंदी बढ़ सके, क़ानून का मज़ाक़ बना रखा हैं। भाजपा के राज में जनता बेहाल हैं।

इससे पहले पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलाय के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रदेश की 19 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार है। इतना नहीं इन महिलाओं में से 67 फीसदी शराबी पति से प्रताड़ित हैं।
गुजरात में शराबबंदी के बावजूद इतने बड़े स्तर में शराब के कारण हिंसा के मामले सामने आना काफी शर्मनाक है और गुजरात सरकार के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। शराबबंदी के बावजूद लोगों में शराब की बिक्री कैसे हो रही है।

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