राहुल गाँधी से छिपकर नहीं, सबके सामने मिलूंगा: हार्दिक पटेल

गांधीनगर: गुजरात में कांग्रेस पार्टी युवा पाटीदार नेताओं के साथ मिलकर बीजेपी को सत्ता से बाहर करने की जोरदार कोशिश कर रही है।अल्पेश ठाकोर की ‘नवसृजन गुजरात जनादेश’ रैली में शामिल होने गुजरात पहुंचे राहुल ने पाटीदार नेताओं के साथ मुलाकात की। इसी बीच पाटीदार नेता हार्दिक पटेल पर आरोप लगा है कि वह किसी को खबर न हो, इसलिए वह अहमदाबाद के राहुल गाँधी के होटल में रात को उनके साथ मुलाकात करने गए थे। लेकिन हार्दिक ने इस बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि अगर उन्हें राहुल गांधी से मिलना होगा तो वह सबके सामने मिलेंगे। जिससे मुझे और गति मिलती, मैं राहुल से छुपकर क्यों मिलूंगा?’ हार्दिक पटेल ने कहा है कि अगर भाजपा को लगता है कि वो 150 सीटें जीतेगी तो इलेक्शन की घोषणा में देरी क्यूँ


हालाँकि राहुल और हार्दिक की मुलाकात का दावा करती हुई होटल की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिनके मुताबिक हार्दिक पटेल ने पाटीदार समाज की कई शर्तें इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष के सामने रखीं। लेकिन इस बात पर लगातार संशय बना हुआ है, क्या हार्दिक पटेल और राहुल गांधी की मुलाकात हुई है। हालांकि हार्दिक ने इस बात को माना है कि वह उस होटल में थे लेकिन उन्होंने राहुल नहीं बल्कि कांग्रेस नेता अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। मैंने उनसे गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष से पाटीदार समुदाय को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा की है।

अशोक गहलोत ने हार्दिक से मिलने की बात मानते हुए आरोप लगाया कि आईबी, पुलिस बार-बार होटल के कमरों की चैकिंग कर रही थी।
इस मामले में अशोक गहलोत ने गुजरात सरकार पर जासूसी के आरोप भी लगाए।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ‘मैं बीजेपी के आदेश पर किए जा रहे सभी तरह के सर्विलांस की निंदा करता हूं। पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज क्यों ली?’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने अमित शाह के बेटे जय शाह पर भी निशाना साधा और कहा, ‘क्या निजता का अधिकार पर जय शाह का एकमात्र स्वामित्व है? क्या हार्दिक पटेल और जिगनेश मेवानी अपराधी हैं या भगोड़े हैं? अगर ऐसा है तो बीजेपी अपना रुख स्पष्ट करे।’

सूत्रों की मानी जाये तो हार्दिक पटेल फिलहाल खुल कर कांग्रेस का समर्थन नहीं कर सकते हैं। क्यूंकि पाटीदारों में युवा और बुजुर्गों के बीच अभी कांग्रेस पर यकीन करने के मामले में मतभेद हैं। हालाँकि पाटीदार समाज बीजेपी का साथ नहीं दे रहा, लेकिन पूरी तरह कांग्रेस को अपना भी नहीं सका है।

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