भक्तों अब क्या कहोगें लोकतंत्र ख़तरे में है की नहीं, न्यायालय भी न्याय मांग रहा है: हार्दिक पटेल

January 13, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने मीडिया के सामने आकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। इन 4 जजों ने कल मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और एक चिट्ठी जारी की, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन चार जजों में जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हैं।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न्यायपालिका समेत देश भर में हंगामा मच गया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तमाम तरह की बहस का मुद्दा चल पड़ा हैं। इसके साथ सोशल मीडिया पर #DemocracyInDanger हैशटैग चल पड़ा है, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

गुजरात के पाटीदार युवा नेता हार्दिक पटेल ने इस सन्दर्भ में सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर ट्वीट किया है। भक्तों अब क्या कहोगें लोकतंत्र ख़तरे में है की नहीं !!! जनता को जागृत होना पड़ेगा,सत्य और ईमानदारी के रास्ते पर आवाज़ करनी पड़ेगी। न्यायालय भी अब बोल रहा हैं हमें न्याय चाहिए तो फिर आम जनता जाएगी कहाँ।

आपको बता दें की कल इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा है कि, ‘करीब दो महीने पहले हम चारों जजों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा और मुलाकात की। हमने उनसे बताया कि जो कुछ भी हो रहा है, वह सही नहीं है। लेकिन इस मामले में प्रशासन द्वारा कोई कदम न उठाने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों को इस तरह सामने आना पड़ा है।

हम देश के समक्ष अपनी स्थिति रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम चारों के लिए यह बहुत तकलीफ से भरा समय है और यह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने में हमें कोई खुशी नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और बीते दिनों में बहुत कुछ हुआ है।

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