हिमाचल चुनाव: प्रदेश में बीजेपी का चुनाव प्रचार जबरदस्त, लेकिन क्या कांग्रेस को कर पाएगी परास्त ?

शिमला: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 9 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। राज्य में जीत का डंका बजाने के लिए बीजेपी ने यहाँ चुनाव प्रचार को काफी आक्रामक रुख दे दिया है। राज्य में फिर से वापसी करने के लिए बीजेपी अपनी पूरी ताक़त लगा रही है। चुनाव प्रचार के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के बड़े नेता लगातार हिमाचल प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। राज्य में बीजेपी की तरफ से स्टार प्रचारकों की लिस्ट काफी बड़ी है। जबकि कांग्रेस के स्टार प्रचारक कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। सभी लोकल अखबारों के पहले पेज पर बीजेपी के विज्ञापन आ रहे हैं और सड़कों पर बड़े-बड़े बैनर लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी के 68 चुनाव प्रचार वाहन जिस पर बड़े-बड़े टीवी स्क्रीन लगे हुए हैं। ये वाहन दिन-रात शहरों और गाँवों में घूम-घूम कर पार्टी का प्रचार कर रही है। वहीँ दूर-दराज के गाँवों में वोटरों को आकर्षित करने के लिए बीजेपी नुक्कड़-नाटकों का आयोजन कर रही है।
स्टार प्रचारकों की रैली के अलावा बीजेपी के विज्ञापन भी हर जगह छाए हुए हैं। वहीँ राज्य में चुनाव प्रचार के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस की हालत खस्ता है। कांग्रेस की तरफ से सीएम उम्म्मीदार वीरभद्र सिंह अकेले ही विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सहयोगियों का कहना है कि वे हेलीकॉप्टर अफोर्ड नहीं कर सकते, इसलिए 83 साल की उम्र में वीरभद्र को सड़क के रास्ते चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है।

उनका कहना है कि चुनाव प्रचार के लिए उनके पास बीजेपी की तरह बजट नहीं है। कांग्रेस न तो टीवी पर और ना ही अखबारों में ज्यादा विज्ञापन दे रही हैं। सड़कों पर कांग्रेस के पोस्टर भी इतने नहीं दिख रहे हैं। लेकिन वीरभद्र सिंह का परिवार डोर-टू-डोर उनके लिए प्रचार कर रहा है और लोगों को उन्हें वोट करने के लिए अपील कर रहा है। यूं तो कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, मगर चुनाव से 4 दिन पहले भी चुनाव प्रचार के लिए पार्टी नेता आगे नहीं आ रहे हैं। अभी तक किसी भी स्टार प्रचारक के चुनाव में उतरने की सूचना नहीं है।
कल प्रदेश में कांग्रेस उपाध्यक्ष भी तीन रैलियां करने वाले हैं। इससे पहले सोनिया गांधी भी राज्य में रैली करने वाली थी। लेकिनं उनकी तबियत खराब होने के कारण उनकी रैली रद्द करनी पड़ी। बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और एक ही बात के लिए तीन-तीन केस बनाकर ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग को मेरे पीछे ऐसे लगा दिया जाता है, जैसे मैं बहुत बड़ा व्यापारी हूं या फिर देशद्रोही हूं।

अपने बेतहाशा संसाधनों के दम पर राज्य में बीजेपी भड़कीला चुनाव प्रचार कर रही है। जिस तरह से चुनाव प्रचार किया जा रहा है, वह चुनाव प्रचार नहीं लग रहा। बल्कि एक जंग का माहौल प्रतीत हो रहा है।

लेकिन कांग्रेस ने राज्य में हमेशा विकास करवाया है। जिससे जनता भली-भांति परिचित है। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव की निति अपनाई है और प्रदेश सरकार को भी तोड़ने की तमाम कोशिशें की। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया।

 

 

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