हम कठोर से कठोर आलोचना स्वीकार करते हैं: मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले कुछ दिनों से सरकार की आर्थिक नीतियों की हो रही आलोचनाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में आर्थिक विषयों पर हमारी जो आलोचना हुई है उन आलोचनाओं को हम बुरा नहीं मानते हैं हम एक संवेदनशील सरकार हैं

उन्होंने कहा,”..हम कठोर से कठोर आलोचना को स्वीकार करते हैं और उचित स्थान पर संवेदना पूर्ण तरीक़े से उन आलोचनाओं पर भी गंभीरता से सोच कर के और पूरी नम्रता के साथ देश की अर्थव्यवस्था को ..”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत से अपेक्षा कर रही है. उन्होंने कहा,”आज पूरा विश्व भारत की तरफ़ जो अपेक्षाएं कर रहा है, सवा सौ करोड़ देशवासी जो अपेक्षाएं कर रहे हैं.. उसी र्य्थ्म से उसी तेज़ गति से.. चला कर रहे रहेंगे ये मैं अपने आलोचकों को भी विशवास दिलाना चाहता हूँ, नम्रता पूर्वक विशवास दिलाना चाहता हूँ”.

आज प्रधानमंत्री इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरी के गोल्डन जुबिली साल में बोल रहे थे. मोदी ने कहा कि वो अभी की समस्याओं की वजह से भविष्य पर फ़र्क़ नहीं पड़ने देंगे.

उन्होंने साथ ही कहा कि रिफार्म रिफार्म के गीत गाने वालों को मैं बताना चाहता हूँ के 21 सेक्टर से जुड़े 87 छोटे बड़े रिफार्म इस सरकार ने लागू किये हैं.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की लगातार आलोचना हो रही है. आलोचना करने वालों में कुछ भाजपा के वरिष्ट नेता भी शामिल हैं. इनमें अधिकतर आलोचना नोटबंदी और GST लागू करने के तरीक़ों से लेकर है. भाजपा के नेताओं में अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और शत्रुघन सिन्हा मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना कर चुके हैं.

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