हुज़ूर(स.अ.व्.) का हुक़्म- अगर आप भी चावल खाते हैं तो सुन लो हुज़ूर(स.अ.व्.) का ये हुक़्म…

September 1, 2019 by No Comments

आज हम बात करने जा रहे हैं चावल खाने की फ’जील’त के बारे में। हमारे नबी करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने चावल को लेकर क्या फरमाया है। आईये इस मामले में पूरी जानकारी आपको देते हैं। एक ह’दी’स श’री’फ के मुताबिक एक बार एक बहुत ही गरीब शख्स न’बी क’री’म स’ल्ल’ल्ला’हू अ’ले’ही व’स’ल्ल’म की पार कहा में हाजिर हुआ और कहने लगा कि मैं बहुत ही गरीब हूं मेरे रि’ज’क में बरकत नहीं होती है।

मुझे कोई ऐसा अ’म’ल बताएं जिससे मेरे कारोबार में ब’र’क’त हो यह सुनकर अ’ल्ला’ह के र’सू’ल हमारे न’बी ने फरमाया कि ऐ शख्स तुम चावल खाया करा करो। अ’ल्ला’ह के क’र’म से इसकी ब’रक’त से तुम्हारे रि’ज्क की तं’गी दूर हो जायेगी। इसके बाद एक बार ऐसे ही अ’ल्ला’ह के न’बी के पास एक अमीर शख्स आया और कहने लगा कि कि मैं मैं बहुत ही अ’मी’र हूं और मेरे पास बहुत सारा पैसा है।

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लेकिन मुझसे वो संभाला नहीं जा रहा तब मुझे कोई ऐसा अ’म’ल बताये। जिससे मैं इसे संभाल पाऊं। न’बी ने फरमाया कि उसे भी चावल खाने के लिए कहा। यह सारा माजरा वहां पर मौजूद एक सहाबी देख रहे थे तो उन्होंने न’बी से पूछा कि ऐ मेरे न’बी यह क्या मामला है। जब आपके पास एक ग’री’ब शख्स आया और अ’मी’र बनने की इच्छा कर रहा था तो आपने उसे भी चावल खाने के लिए कहा और जो शख्स अमीर था और उसे अपनी दौलत संभाली नहीं जा रही थी।

उसे भी आपने चावल खाने का हुक्म दिया। यह बात सुनकर न’बी ने फरमाया कि अ’ल्ला’ह ता’ला ने चावलों में ब’र’क’त और रि’ज्क दी है। न’बी ने फरमाया कि चावलों के एक एक दाने में ब’र’कत और रिज्क होती है। जो भी इसे खायेगा उसके घर में बरकत और रि’ज्क आएगी। वहीँ जब अमीर शख्स चावल खायेगा तो वो चावलों में मौजूद बर’क’ती दानों को गिरा देगा।

इससे उस शख्स की रि’ज्क में भी कमी आएगी। न’बी ने फरमाया है कि हमें चावलों के एक-एक दाने को खा लेना चाहिए। जो दाना गिर भी जाए उसे भी खा लेना चाहिए क्योंकि पता नहीं होता कि चावल की किस था’ने में बर’क’त और रि’ज’क भरी हुई है।

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