हुजूर पाक ﷺ ने फ़रमाया -इन 3 मोको पर झूठ बोलने में कोई हर्ज नहीं

February 19, 2019 by No Comments

झूठ बहुत बड़ा गुनाह है,झूठे इंसान पर अल्लाह ताला की लानत होती है,कुरान में फरमाया गया है कि झूठो पर अल्लाह की लानत है लेकिन आज हम आप को यहाँ पर झूठ के बारे में ऐसी बात बताने जा रहे हैं,जो शायद आप न जानते हों।झूठ बोलने के लिए इस्लाम में सख्ती से मना किया गया है, लेकिन कहा जाता है कि तीन मौके पर झूठ बोलना जायज़ है अगर इंसान इन तीन मौके पर झूठ बोलता है तो उसे गुनाह नहीं मिलता है।
उन में सबसे पहला नंबर है कि जंग के मौके पर झूठ बोल सकता है।कहा जाता है कि अगर कोई जंग के मैदान में है और अपने दुश्मनों को डराने के लिए झूठ बोलता है कि हमारी एक बड़ी फौज हमारे पीछे आ रही है तो इस तरह का झूठ बोलना जायज है क्योंकि इस झूठ से दुश्मन से जंग जीतना मकसूद है.

PROPHET MUHAMMAD


इसी लिए जंग के दौरान बोले गए झूठ को जायज़ कहा गया है.इसी तरह दुशमन को उलझाने के लिए भी झूठ बोलना जायज़ है और वैसे भी कहा जाता है कि जंग में सब कुछ जायज़ होता है।
दूसरे नंबर पर आता है कि रिशतेदारों के बीच सुलह कराने के लिए झूठ बोलना जायज़ है,अगर किसी के रिश्तेदार ने आपस में लड़ाई कर ली हो और झूठ बोलकर दोनों रिशतेदारों के बीच सुलह हो जाती है तो ऐसे मौके पर झूठ बोलना जायज़ है,इस झूठ से गुनाह नहीं मिलेगा।

कुरान


तीसरे नंबर पर आता है कि शौहर और बीवी का आपस में झूठ बोलना जायज़ है,शौहर और बीवी के झूठ से मक़सूद ये है कि आपस में मुहब्बत उलफ़त पैदा हो।तो इसे झूठ नहीं कहा जाएगा।मिसाल के तौर पर शौहर अपनी बीवी से कहता हो: तुम तो मेरे लिए बहुत क़ीमती हो।
या फिर कहता हो मेरे लिए तो तुझसे ज़्यादा कोई और प्यारा नहीं है।या फिर ये कहे मेरे लिए तो तुम ही सब औरतों से ज़्यादा ख़ूबसूरत हो,इस तरह के अलफ़ाज़ कहे।इस से वो झूठे मुराद नहीं है जिस हुक़ूक़ मारने का बाइस बनता हो या फिर वाजिबात-ओ-फ़राइज़ से फ़रार होने का बाइस बनता हो।इस सिलिसले में एक हदीस है जो हज़रत अस्मा बिंत यज़ीद रज़ी अल्लाहु तआला अनहा से रिवायत है,वह बयान करती हैं अल्लाह के रसूल सल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद ने फ़रमाया।
तीन जगहों के इलावा कहीं झूट बोलना हलाल नहीं शौहर का अपनी बीवी को राज़ी करने के लिए बात करे,और जंग में झूठ और लोगों में सुलह कराने के लिए झूठ बोलना।तिरमिज़ी हदीस नंबर (1939) सुनन अबू दाउद हदीस नंबर (4921 )

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